04जेएनडी05: पत्रकार वार्ता करते किसान नेता। संवाद।
जींद। आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं की रिहाई की मांग के लिए जाट धर्मशाला में किसान नेताओं ने पत्रकार वार्ता की। इसमें किसान नेताओं ने सभी संगठनों से एक होकर सरकार से इस आंदोलन व गिरफ्तार नेताओं के हित के लिए लड़ने की आवाज उठाई।
विकास सीसर, सुशील नरवाल, अक्षय नरवाल व किसान नेत्री प्रियंका खरकरामजी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी से किसानों को उम्मीद थी, क्योंकि वह किसान समाज से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन इनके संघ की पाठशाला के ज्ञान ने इन्हें संवेदनही बना दिया है। सुशील नरवाल ने कहा किसी भी किसान पर कोई विपदा आती है तो वह अपने मतभेद भुलाकर मजबूती के साथ उस परिवार के साथ खड़े होंगे। किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष अक्षय नरवाल ने कहा कि उनके ऊपर भी जबरदस्ती खालिस्तानी होने के आरोप लगाए जा रहे थे, जो बेबुनियाद थे। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर हरियाणा के लोग पंजाब का साथ देते हैं। अगर खालिस्तान की कोई बात इस आंदोलन में होती तो हम सबसे पहले उनके विरोध में खड़े होते। उन्होंने परिवार की तरफ देखते हुए अनीश को जेल में अनशन खोलने की बात भी कही और परिवार के साथ मिलकर बाहर सड़क पर उसके लिए संघर्ष को और मजबूत करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का आह्वान करने वाले किसान संगठन और मोर्चे जींद में आकर हमारे भाई की रिहाई के लिए कोई आंदोलन की शुरुआत करें अन्यथा उनके परिवार के ऊपर आई विपदा को देखते हुए उन्हें मजबूर होकर कोई कड़ा फैसला लेना पड़ेगा।
04जेएनडी05: पत्रकार वार्ता करते किसान नेता। संवाद।