जींद। पांच साल पुराने डॉक्टरों के विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। जींद के डॉ. पंकज ने एसपी से अप्रैल 2021 में सदर थाना में दर्ज हुई एफआईआर के मामले की दोबारा जांच करवाने की मांग की है।
डॉ. पंकज का आरोप है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले में उन्हें झूठी गवाही देने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने कहा कि वह मामले में दोषी नहीं हैं और उस समय भी उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर जांच की मांग की थी लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पांच अप्रैल 2021 को चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनदीप सिंह की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने डॉ. पंकज के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत में डॉ. मनदीप सिंह ने बताया था कि वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामराय में कार्यरत थे और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरक रामजी की आदान-प्रदान शक्तियां दी गई थीं।
एक अप्रैल 2021 में सुबह 9:20 बजे डॉ. मनदीप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरक रामजी पहुंचे तो वहां कुछ मरीज बैठे थे और उन्हें देखने के लिए कोई चिकित्सा अधिकारी मौजूद नहीं था। उन्होंने मरीजों का प्राथमिक इलाज किया। क्लर्क राजेंद्र को कार्यालय में बुलाकर पत्रों और बिलों पर हस्ताक्षर कर रहे थे।