अध्यापक पात्रता परीक्षा के लेवल-तीन का पेपर लीक करने वाले गिरोह के तार सीधे जींद से नहीं बल्कि झज्जर से जुड़े हैं। झज्जर के गांव बेरी निवासी मुनीत की मोरपत्ती नरवाना निवासी रघुबीर के साथ रिश्तेदारी है। रघुबीर की पत्नी का जींद के कालेज में परीक्षा थी।
इसी को लेकर उसका संपर्क अपने रिश्तेदार मुनीत के साथ हुआ। वह एनआईसीटी चंडीगढ़ में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुनीत के अब तक सामने आए मुख्य आरोपी चांदपुर दिल्ली निवासी रवि के साथ अच्छे संबंध हैं। मुनीत ने अपने रिश्तेदार रघुबीर के लिए चांदपुर दिल्ली निवासी रवि के साथ आंसर-की का सौदा किया।
इसके बाद मुनीत ने अपने रिश्तेदार रघुबीर का मोबाइल नंबर अब तक के मुख्य आरोपी रवि को उपलब्ध करवा दिया और पेपर से पौना घंटे पहले उसके व्हाट्सएप पर बेसिक पेपर की 90 आंसर-की भेज दी थी। सूत्रों के अनुसार रघुबीर के पास आंसर-की पहुंचते ही दूसरे मोबाइलों पर भी पहुंच गई। रघुबीर के बाद आंसर-की उचाना निवासी संदीप, गांव खरकबूरा निवासी अमित के पास पहुंच गई।
इसके बाद परीक्षा देने के लिए आई महिलाओं को इन आंसर-की को किसी तरीके परीक्षा केंद्र में ले गई। जब रघुबीर और अमित आंसर-की को परीक्षार्थियों को देकर आराम से अर्बन इस्टेट के चक्की मोड़ पर गाड़ी लेकर खड़े थे।
इस दौरान पुलिस ने छापामारी कर उनको काबू कर लिया। पुलिस ने रघुबीर के मोबाइल की जांच की गई तो उसमें चांदपुर दिल्ली निवासी रवि के मोबाइल से आंसर-की आई हुई थी। रघुबीर ने इनको अपने जानकार गांव उचाना निवासी संदीप और अन्य के पास भेजा हुआ था।
पुलिस पूछताछ में मामले की कड़ी आगे जुड़ती गई और पुलिस फिलहाल चांदपुर दिल्ली निवासी रवि तक पहुंची है। ऐसे में जींद के परीक्षार्थियों का सीधा संपर्क की बजाए वाया झज्जर होकर आंसर- की पहुंची है।
अब रवि उगलेगा आंसर-की लीक के सभी राज
पुलिस पूछताछ के बाद अब सूई रवि नामक व्यक्ति पर आकर रुक गई है। पुलिस ने रवि को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस आरोपी रवि से ही सारे राज उगलवाने का प्रयास करेगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार एचटेट परीक्षा की आंसर-की रवि ने ही वायरल की है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि रवि को आंसर-की कहां से मिली है।
पुलिस के शीर्ष सूत्रों के अनुसार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए केंद्र चलाने वाले कई लोग अब पुलिस की रडार पर हैं। जहां रवि से पुलिस यह पता लगाएगी कि उसे आंसर-की कहां से मिली, यह भी पता लगाया जाएगा कि आंसर-की किन-किन लोगों को मुहैया करवाई गई है। इसके बाद ही आगे की जांच चलेगी।
सरकारी बाबू भी नपेंगे
पुलिस सूत्रों के अनुसार पेपर लीक मामले में पुलिस ने झज्जर और दिल्ली के गिरोह के आरोपियों को हिरासत में लिया है।
पकड़े गिरोह के अब तक के मुख्य आरोपी दिल्ली निवासी रवि और झज्जर निवासी मुनीत, गांव भिठला झज्जर निवासी देवेंद्र के माध्यम से कुछ शिक्षा विभाग के सरकारी बाबू और अन्य कर्मचारी भी शक के दायरे में आ रहे है। पुलिस को आशंका हे गिरोह के माध्यम से पेपर जहां से लीक किया गया उन कर्मचारियों तक पुलिस पहुंच जाएगा।
पकड़ा गया आरोपी संदीप नेट क्वालीफाइड
पुलिस के अनुसार एचटेट की आंसर-की के साथ पकड़ा गया आरोपी उचाना निवासी संदीप एमएससी मैथ है और पिछले दिनों ही उसने नेट क्वालीफाइड किया था।
इस बार भी एचटेट की लेवल तीन के लिए परीक्षा थी। इस दौरान उसका संपर्क अपने जानकार रघुबीर से हुआ है और उसी के माध्यम से पात्रता परीक्षा की आंसर-की ली थी और उसने इन आंसर-की के माध्यम से परीक्षा भी दी। लेकिन परीक्षा समाप्त होते ही पुलिस ने संदीप को गिरफ्तार कर लिया। बाद में पुलिस ने संदीप के मोबाइल से आंसर-की को बरामद किया था।
सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से नकारा नहीं जा सकता
हिसार रेंज के आईजी अनिल राव ने कहा कि पात्रता परीक्षा के पेपर लीक के मामले में फिलहाल ज्यादा खुलासा नहीं किया सकता है। पेपर लीक करने में सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से फिलहाल इंकार नहीं किया जा सकता है। एसआईटी इसकी जांच में जुटी है। जैसे ही पूरे मामले से पर्दा उठाएगा इसके बारे में अवगत करा दिया जाएगा।