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Jind News: जांच की कसौटी पर खरी नहीं उतरी डिग्री, हेल्थ काउंसलर रिलीव

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जींद। जींद के स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) की एडोलसेंट हेल्थ काउंसलर ममता उझाना की डिग्री जांच की कसौटी पर खरी नहीं उतरी। इस कारण 8 साल बाद काउंसलर ममता की सेवाएं स्वास्थ्य विभाग के एन एच एम ने समाप्त कर दी हैं। सीएचसी उझाना के एसएमओ को काउंसलर ममता को तुरंत प्रभाव से रिलीव करने के लिए कहा गया है।
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स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत आरकेएसके के लिए साल 2014 में काउंसलर की भर्ती हुई थी। यह पद एडॉलसेंट हेल्थ काउंसलर के थे। इनमें जींद की अर्बन स्टेट कॉलोनी निवासी ममता को भी काउंसलर के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में काउंसलर भर्ती को लेकर शिकायतें हुईं तो पुलिस की एसआईटी जांच के लिए गठित की गई थी। इस भर्ती में अनियमितताओं के चलते पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया था। वर्ष 2016 में कैथल जिले के रसूलपुर गांव के जयपाल नामक आरटीआई एक्टिविस्ट ने जींद में आरकेएसके के तहत काउंसलर ममता की नियुक्ति को गलत बताते हुए कहा था कि ममता ने सिक्किम की इलम यूनिवर्सिटी कि जो डिग्री काउंसलर पद के लिए नौकरी पाने की खातिर दी थी, उस डिग्री को यूजीसी से मान्यता प्राप्त नहीं थी। यह शिकायत बाद में सीएम विंडो पर भी की गई।
यूजीसी से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी की नहीं थी डिग्री
जींद के आरकेएसके कार्यक्रम के तहत एडोलसेंट हेल्थ काउंसलर की भर्ती से जुड़ी यह शिकायत सीएम विंडो पर आने के बाद जींद के सिविल सर्जन ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। इस कमेटी में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ पाले राम कटारिया, एनएचएम के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. आर एस पूनिया और सीएचसी कलवा के प्रभारी डॉ अरुण को शामिल किया गया। जांच कमेटी ने सीएचसी उझाना में तैनात काउंसलर ममता से उसकी डिग्री के बारे में जानकारी मांगी तो कहा गया कि डिग्री समेत दूसरे कागजात स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कमेटी ने पूरे मामले की जांच की तो इसमें काउंसलर ममता ने काउंसलर पद के लिए आवेदन करते समय सिक्किम की इलम यूनिवर्सिटी की जो डिग्री दी वह यूजीसी से मान्यता प्राप्त नहीं थी। नौकरी की शर्त में यह साफ था कि डिग्री यूजीसी से मान्य होनी चाहिए। काउंसलर ममता की डिग्री की जांच पूरी कर रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय ने एमडी एनएचएम को भेजी थी। 10 दिसंबर 2022 को एन एच एम के एमडी से इस मामले में मार्गदर्शन मांगा गया था। इस पर 2 दिसंबर 2022 को एनएचएम के एमडी ने कहा कि इस मामले में जींद के डीसी जरूरी कार्रवाई कर सकते हैं। इसके बाद जींद के सिविल सर्जन ने काउंसलर ममता को नौकरी से हटाने के आदेश मंगलवार को जारी कर दिए। सीएचसी उझाना के प्रभारी को काउंसलर ममता को तुरंत प्रभाव से रिलीव करने के लिए कहा गया है।
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जांच के बाद काउंसलर ममता को आरकेएसके में अडोलसेंट हेल्थ काउंसलर के पद से हटाने के आदेश जारी किए गए हैं।- डॉ मंजू कादयान, सिविल सर्जन
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