जींद। नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अस्पताल के नए भवन के प्रथम तल पर एक अत्याधुनिक डी-एडिक्शन सेंटर और गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से संबंधित कैबिन का निर्माण शुरू किया गया है।
इस पहल से न केवल नशा मुक्ति के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों से जूझ रहे मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी। नए डी-एडिक्शन सेंटर में साइकेट्रिक (मनोरोग) विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
यह केंद्र नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों के लिए एक समर्पित स्थान होगा जहां उन्हें चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ परामर्श और पुनर्वास की सुविधाएं भी मिलेंगी। अभी तक जींद के नागरिक अस्पताल में ऐसी कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी।
इसके कारण मरीजों को नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित उपचार के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। इस नए सेंटर के बनने से मरीजों को व्यापक और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कैंसर आदि के लिए भी एक विशेष केबिन स्थापित किया जा रहा है।
इस केबिन में मरीजों की जांच, उपचार और नियमित निगरानी की व्यवस्था होगी। एनसीडी के मामलों में वृद्धि को देखते हुए ऐसी सुविधाएं समय की मांग हैं। यह केबिन न केवल रोगों की रोकथाम में मदद करेगा बल्कि मरीजों को समय पर उचित उपचार प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह नया भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और मरीजों की सुविधा के लिए सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। डी-एडिक्शन सेंटर और एनसीडी केबिन के शुरू होने से स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कार्य तेज गति से चल रहा है। नागरिक अस्पताल के पीएमओ रघुवीर पूनिया ने बताया कि इसके बनने से नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। जल्द ही इसको पूर्ण करवाया जाएगा।