संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सुविधा के लिए जींद से कुरुक्षेत्र के बीच चलाई जा रही पैसेंजर ट्रेन दुविधा बन चुकी है। वजह, लेटलतीफी है। इसके चलते सफर में अंधेरा हो जाता है। यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। ज्यादा दिक्कत महिला यात्रियों को होती है। वो डरी-सहमी घर पहुंचती हैं। हालांकि रेलवे प्रतिदिन ट्रेन लेट होने की बात से इनकार कर रहा है।
जींद से कुरुक्षेत्र के लिए चलने वाली कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन का निर्धारित समय शाम 5:50 बजे है। पिछले कई दिनों से ट्रेन समय पर प्लेटफॉर्म से प्रस्थान नहीं कर रही है। इस कारण यात्रियों को स्टेशन पर देर तक इंतजार करना पड़ता है। रविवार को भी ट्रेन को 25 मिनट की देरी से चलाया गया था।
प्रवीण, सुनील, प्रमोद, मोनिका, सुकन्या की मानें तो ट्रेन की लेटलतीफी नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को परेशानी दे रही है।शाम को छह बजे से पहले ही अंधेरा हो जाता है और इस ट्रेन को छह बजे के बाद ही चलाया जाता है। जब तक ट्रेन कैथल तक पहुंचती है तो इसमें यात्री नाममात्र ही रह जाते हैं। उन्हें अंधेरे में यात्रा करनी पड़ती है। इससे असुरक्षा का भाव बना रहता है। महिलाएं डरी-सहमी कुरुक्षेत्र पहुंचती हैं।
शहरवासी सुनील वशिष्ठ, मा. राजेश, धर्मबीर भनवाला, रोहताश का कहना है कि रेलवे प्रशासन को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। रोजाना सैकड़ों यात्री इस ट्रेन से सफर करते हैं। ऐसे में समय पालन बेहद जरूरी है। यदि ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चला दी जाए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे इस ट्रेन के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग करे। समय में सुधार सुनिश्चित किया जाए। जरूरत पड़े तो अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए या शेड्यूल बदला जाए।
वर्जन
तकनीकी दिक्कतों के कारण रविवार को कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन के देरी से चलाया गया था। रोजाना देरी से चलाने वाली कोई बात नहीं है।
-जेएस कुंडू, अधीक्षक, रेलवे स्टेशन जींद