जानकारी देते सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया।
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किडनी के मरीजों के लिए अच्छी खबर है, अब डायलिसिस के लिए उन्हें दूसरे शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नागरिक अस्पताल में ही यह सुविधा मिलेगी। इसके लिए पहली मंजिल पर एक यूनिट तैयार की जा रही है। अगले करीब डेढ़ माह के अंदर यह सुविधा यहां शुरू हो जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने बताया कि जिले में हर माह 10-12 मरीज किडनी फेल होने से पीड़ित आ रहे हैं। इनकों डायलिसिस की सुविधा की जरूरत होती है, लेकिन नागरिक अस्पताल में यह सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को महंगा इलाज लेना पड़ता है। मरीज की दोनों किडनी फेल होने पर डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। अब तक डायलिसिस के लिए रोहतक, हिसार, चंडीगढ़ व दिल्ली जाना पड़ता है। अब शहर में ही डायलिसिस की सुविधा शुरू होने के बाद लोगों को दूसरे शहरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और कम खर्च पर सुविधा मिलेगी।
दस गुणा कम होगा खर्च
नागरिक अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा महज 700 से 900 रुपये में मुहैया करवाई जाएगी, जबकि निजी अस्पतालों में इसके लिए आठ से दस हजार रुपये तक लिए जाते हैं। वहीं निजी अस्पताल में महज एक से डेढ़ घंटे की सुविधा मिलती है, जबकि यहां चार घंटे मरीज को दिए जाएंगे।
डेंगू के लिए चलेगा विशेष अभियान
सिविल सर्जन के अनुसार जुलाई माह को स्वास्थ्य विभाग डेंगू रोधी माह के रूप में मनाएगा। इस दौरान लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेंगू के टेस्ट के लिए सरकार द्वारा अधिकतम 600 रुपये फीस रखी गई है, अगर कोई भी अस्पताल इससे अधिक फीस लेता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ उन्होंने कहा कि सिर्फ कार्ड टेस्ट के आधार पर कई निजी अस्पताल मरीजों को भ्रमित कर डेंगू के नाम पर ठगते हैं। ऐसे में जब तक ऐलाइजा टेस्ट नहीं होता, डेंगू की पुष्टी नहीं होती।