11जेएनडी24: नागरिक अस्पताल में वीरवार को लगाए गए खुली एमरजेंसी में पर्दे। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में जीर्णोद्धार के चलते पिछले कई दिनों से इमरजेंसी वार्ड के मरीजों का इलाज खुले हाॅल में किया जा रहा था। इसके कारण धूल व मिट्टी से मरीजों को परेशानी हो रही थी। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए यहां पर पर्दे लगाकर व्यवस्थाओं में सुधार किया है।
पिछले लगभग एक सप्ताह से नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में जीर्णोद्धार चल रहा है। वहीं इमरजेंसी वार्ड का विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा भी अन्य बेहतर सुविधाएं यहां पर मरीजों के लिए दी जानी हैं। जब तक यह काम पूरा नहीं होगा। तक तक में इमरजेंसी हॉल में चलाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त दो कमरों में भी वैकल्पिक इमरजेंसी की व्यवस्था की गई है। जहां पर अति गंभीर मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। दो दिन पहले तक हॉल में जो मरीज उपचार ले रहे थे। वहां पर खुले में ही बैड लगे थे। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने यह समाचार प्रकाशित किया तो यहां पर पर्दाें की दो से तीन लेयर लगाई।
इससे यहां पर दाखिल मरीजों को बेहतर सुविधा मिली। इस भवन का जीर्णोद्धार 14.90 लाख रुपये से किया जा रहा है। इसके चलते अस्पताल के पास अलग से इमरजेंसी चलाने के लिए जगह नहीं है। इस जगह पर अब सुधार होने से मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
वर्जन
यह कार्य पूरा होने तक मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए खुले हॉल में चलाई जा रही इमरजेंसी में पर्दे लगाकर मरीजों को राहत दी है। यह अस्थाई सुविधा मरीजों को दी जा रही है। एक सप्ताह में अस्पताल का लगभग पूरा काम हो जाएगी। इसके बाद मरीजों को इमरजेंसी में निजी अस्पतालों से भी बेहतर सुविधा मिलेगी। -डॉ. रघुवीर पुनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।