हिसार रेंज स्पेशल स्टाफ ने मंगलवार देर रात को जयंती देवी मंदिर के निकट बाइक सवार एक दंपत्ति को एक किलोग्राम स्मैक सहित काबू किया है। दंपत्ति से पकड़ी गई स्मैक की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग एक करोड़ रुपये है। वहीं शहर थाना पुलिस ने दंपत्ति के खिलाफ नशीले पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी दंपत्ति को अदालत में पेश किया। जहां से महिला को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि उसके पति को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार हिसार रेंज की स्पेशल स्टाफ टीम को मंगलवार देर शाम को सूचना मिली कि उत्तरप्रदेश से स्मैक की एक खेप आनी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जयंती देवी मंदिर के निकट पहुंची तो एक दंपत्ति बाइक पर सवार होकर पटियाला चौक की तरफ से निकल रहा था। पुलिस ने शक के आधार पर दंपत्ति को रोका और उनकी तलाशी ली तो उनके कब्जे से एक किलोग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी दंपत्ति से पूछताछ की तो उसकी पहचान इंदिरा कॉलोनी करतारपुरा रोहतक निवासी विनोद और उसकी पत्नी रीना के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में महिला रीना ने खुलासा किया कि उसका गांव राजथल में मायका है और उसके पिता रणबीर सिंह के पास स्मैक की इस खेप को सप्लाई करना था। लेकिन इसी बीच में दोनों पकड़े गए। पुलिस ने दंपत्ति व अन्य के खिलाफ नशीले पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने महिला रीना को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जबकि उसके पति विनोद को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से नशे के इस धंधे से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ करेगी।
लखनऊ से पहुंची थी खेप
पुलिस के अनुसार आरोपी दंपत्ति से पूछताछ में खुलासा किया कि स्मैक की यह खेप लखनऊ के राज सिंह के पास से आई थी। राज सिंह ने खेप की डिलवरी देने के लिए जयंती देवी के निकट स्थित हांसी ब्रांच नहर का स्थान दिया था। तय समय के अनुसार राज सिंह का कोई करिंदा बाइक पर सवार होकर जयंती देवी के पास पहुंचा और उसे स्मैक की खेप देकर वहां से निकल लिया। जैसे ही दंपत्ति चलने के लिए बाइक पर सवार हुए तो इसी दौरान पुलिस वहां पर पहुंच गई और उनको रोक लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक किलोग्राम स्मैक बरामद की।
सप्लाई करने के लिए दंपत्ति को मिलने थे दस हजार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि स्मैक का सौदा लखनऊ निवासी राज सिंह और महिला के पिता रणबीर के बीच में हुआ था। स्मैक की डील के अनुसार राज सिंह को स्मैक जयंती देवी मंदिर तक पहुंचानी थी। आरोपी रणबीर ने जयंती देवी मंदिर से गांव राजथल तक स्मैक को ले जाने के लिए अपने बेटी रीना व दामाद विनोद की ड्यूटी थी। आरोपी विनोद ने बताया कि स्मैक को राजथल तक ले जाने के बाद उनको दस हजार रुपये मिलने थे। पुलिस के अनुसार दंपत्ति अक्सर स्मैक की डिलवरी लेने व तय स्थान तक पहुंचाने का काम करती थी और उसके बदले में उनकी राशि तय होती थी।
जींद बना नशीले पदार्थों की डिलीवरी का केंद्र
जींद जिला नशीले पदार्थों के तस्करों का डिलीवरी केंद्र बना हुआ है, क्योंकि जींद शहर पंजाब, राजस्थान, यूपी के माध्यम से पड़ता है। नशे के कारोबारी अपनी डिलीवरी देने के लिए जींद के केंद्र को ही चुनते हैं। इसके बाद नशे के कारोबार से जुड़े लोग आगे सप्लाई देता है। इसी का कारण है कि जींद व आसपास के क्षेत्र स्मैक का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। स्मैक के नशे की चपेट में सबसे ज्यादा युवा वर्ग आ रहा है। हालात यह हो गई कि स्मैक का नशा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पैर जमा चुका है। नशे के सौदागर महिलाओं और बच्चों सप्लाई में प्रयोग कर रहे हैं। जिले में अब तक लगभग डेढ़ दर्जन के करीब महिलाएं व आधा दर्जन छोटे बच्चे नशीले पदार्थों सहित काबू किया जा चुका है।
दंपत्ति को एक किलोग्राम स्मैक सहित काबू किया है। नशे के तार यूपी के लखनऊ से जुड़े हुए हैं। स्मैक की सप्लाई राजथल गांव में की जानी थी। पकड़ी गई स्मैक की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- महेंद्र सिंह, स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज