जींद। नागरिक अस्पताल में इस समय जरूरत की दवाओं का टोटा हो गया है, जिसके चलते अस्पताल में आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय पर्यावरण प्रदूषण व मौसम परिवर्तन के चलते दमे व खांसी के मरीज ज्यादा अस्पताल में पहुंच रहे हैं। यह लोग एसिडिटी व खांसी की ज्यादा तकलीफ बता रहे हैं।
ऐसे में चिकित्सक द्वारा इन रोगों से संबंधित दवा तो लिखी जा रही है लेकिन यह दवाएं उन्हें दवा खिड़की पर नहीं मिल रही हैं, क्योंकि इन दवाओं का स्टॉक खत्म हो चुका है। इस कारण मरीजों को बाहर से महंगे रेटों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
इस समय में दवा में बेहद जरूरी कफ सिरप उपलब्ध नहीं है। इस समय मौसम में बदलाव के चलते सर्दी, खांसी और जुखाम के ज्यादा मरीज आ रहे हैं, जिन्हें खांसी के लिए कफ सिरप दिया जाना बेहद जरूरी है, लेकिन यह कफ सिरप अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में तेजाब, एसिडिटी व गैस के भी काफी मरीज आते हैं। जिन्हें चिकित्सक द्वारा एंटासिड लिखा जाता है। यह एंटासिड सिरप भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। वहीं यूरिन व अन्य समस्याओं के लिए अलकासिड भी चिकित्सकों द्वारा लिखा जाता है और यह सिरप भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में दवा लेने आए राज नगर निवासी महेंद्र ने कहा कि उन्हें पेट में परेशानी है और चिकित्सक द्वारा अलकासिड लिखा गया है, जोकि दवा खिड़की पर नहीं मिला। अब उन्हें बाहर से यह सिरप लेना होगा। वहीं एक अन्य मरीज ने बताया कि उसने लीवर के लिए लीव-52 मांगी थी, वह भी नहीं मिली।
प्रतिदिन एक हजार से 1200 तक की ओपीडी होती है अस्पताल में
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से 1200 तक की ओपीडी होती है। सोमवार को यह ओपीडी 1500 से 1600 तक पहुंच जाती है। इतनी संख्या में मरीजों को प्रतिदिन दवाइयां देने से कई बार दवाइयां खत्म भी हो जाती हैं। नागरिक अस्पताल में दवाइयां स्वास्थ्य विभाग के कैथल में स्थित वेयर हाउस से आती हैं। दवाइयों का संकट ऐसा भी हो जाता है, जब वेयरहाउस में भी दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पातीं। इसके लिए सिविल सर्जन को एक लाख रुपये की एक बार में दवाई अपने स्तर पर खरीदने का अधिकार भी है। अस्पताल प्रशासन जब वेयरहाउस में दवाइयां उपलब्ध नहीं हों तो लोकल स्तर पर दवाइयां खरीद लेता है। ऐसे में जब तक वेयरहाउस में दवाइयां नहीं होती तो शहर से ही दवाइयां खरीदी जाती हैं। इसके लिए सरकार ने मापदंड तय किए हुए हैं कि कौन सी दवाई किस रेट में खरीदनी है।
कैथल वेयर हाउस से दवाइयों की सप्लाई होती है। वेयर हाउस में स्टॉक खत्म है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसलिए वेयर हाउस से दवाइयां खरीदने के लिए अनुमति मांगी है। अगले दो-तीन दिन में पूरी प्रक्रिया करके पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवा दी जाएगी।
-डॉ. रघुबीर पूनिया, डिप्टी सिविल सर्जन।