जींद। संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) की परीक्षा को लेकर शनिवार सुबह बस अड्डे जींद से अभ्यार्थियों को लेकर हर पांच मिनट में बस निकली। सुबह चार बजे से ही बसों का आवागमन शुरू हो गया था। जिस रूट पर अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा दिखाई दी, उसी रूट पर बस को रवाना कर दिया गया।
सुबह नौ बजे तक 163 बसों को भेज दिया गया था। 170 के लगभग शाम के समय बसों को अलग-अलग रूटों पर भेजा गया, ताकि अभ्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों से वापस आने के लिए कोई दिक्कत न हो। सुबह और शाम में कुल 470 बसों ने 24 हजार के लगभग अभ्यार्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। सीईटी परीक्षा में समय पर पहुंचने के लिए रोडवेज अधिकारियों ने व्यापक प्रबंध किए हुए थे। व्यवस्था को संभालने के लिए अल सुबह तीन बजे ही रोडवेज कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंच गए थे। सुरक्षा की दृष्टि से बस स्टैंड परिसर में पुलिसकर्मी भी तैनात थे। ग्रामीण क्षेत्र के जिन अभ्यार्थियों का केंद्र सिरसा, डबवाली, करनाल, पानीपत व कुरुक्षेत्र आया हुआ था तो वह अभ्यार्थी आधी रात से ही बस अड्डा परिसर में डेरा डाले हुए थे। सुबह तीन बजे अभ्यार्थी बस स्टैंड परिसर में पहुंचना शुरू हो गए थे। साढ़े तीन बजे के बाद अभ्यार्थियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई। एडवांस बुकिंग करवाने वाले अभ्यार्थी बस नंबर के हिसाब से बस में बैठना शुरू हो गए। किस रूट की बस कहां खड़ी है, इसके बारे में रोडवेज कर्मचारी अनाउंसमेंट के जरिए अभ्यार्थियों को जानकारी देते रहे।
सुबह चार बजे डबवाली के लिए पहली बस निकली, ट्रेनों में रही भीड़
अल सुबह चार बजे डबवाली के लिए पहली बस निकाली गई। चार बजे के बाद अभ्यार्थियों की संख्या बढ़ती चली गई। ऐसे में अभ्यार्थियों को बस नंबर ढूंढने में परेशानी हो रही थी और अभ्यार्थी परीक्षा के लिए लेट होते दिखाए दे रहे थे तो डिपो प्रबंधन ने सीटिंग कैपेसिटी के हिसाब से बसों को निकवालना शुरू कर दिया। डबवाली के बाद सिरसा और कुरुक्षेत्र जाने वाले अभ्यार्थियों के लिए हर तीन से चार मिनट में सीटिंग क्षमता के हिसाब से बस निकाली गई। वहीं डिपो प्रबंधन ने दूसरी शिफ्ट के अभ्यार्थियों के लिए पुराना बस स्टैंड परिसर में 170 बस खड़ी करवा रखी थी। बस स्टैंड परिसर में एंबुलेंस और डायल 112 को तैनात किया गया था, लेकिन बस स्टैंड पर पूरा दिन व्यवस्था बनी रही। अभ्यार्थियों की परीक्षा के चलते आम यात्रियों को थोड़ी परेशानी जरूर उठानी पड़ी। इसके अलावा कुरुक्षेत्र की तरफ जाने वाली ट्रेनों में भी सुबह के समय नरवाना जंक्शन पर अभ्यार्थियों की भारी भीड़ रही। अभ्यर्थी ट्रेनों में धक्का-मुक्की के बीच चढ़े और ट्रेन के अंदर पांव तक रखने की जगह नहीं बची थी।
जानें...किस रूट पर कितनी बसें गईं
शनिवार को सिरसा में जींद के काफी अभ्यार्थियों की परीक्षा थी, जिनमें जींद डिपो सुबह 30 बसें सिरसा के लिए रवाना हुई। उसके बाद करनाल के लिए 23 बसें, कुरुक्षेत्र के लिए 22 बसें, हिसार के लिए 23 बसें, सोनीपत के लिए तीन, चंडीगढ़ के लिए तीन, पानीपत के लिए तीन और भिवानी के लिए दो बसें अभ्यार्थियों को लेकर रवाना हुई। इसके बाद शाम के समय 45 से ज्यादा बसें फिर सिरसा के लिए चली। वहीं कैथल, चंडीगढ़, करनाल, कुरुक्षेत्र और अन्य रूटों पर भी बसों को रवाना किया गया।
नरवाना से 102 और सफीदों सबडिपो से 35 बसें चलीं
कॉमन इलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) परीक्षा में 98 बसें नरवाना सबडिपो से रवाना हुई, जिनमें सिरसा रूट पर सुबह के समय दस और शाम को 15 बसें रवाना हुई। इसके अलावा कुुरुक्षेत्र रूट पर सुबह पांच और शाम के समय दस बस रवाना हुई। हिसार रूट पर सुबह दस और शाम को 12, करनाल रूट पर सुबह के समय दस और शाम को 15 बस तथा कैथल रूट पर दो बस अभ्यार्थियों को लेकर रवाना हुई। सफीदों सबडिपो से कुल 35 बसें अभ्यार्थियों को लेकर गई, जिनमें सिरसा रूट पर 11 बसें, करनाल रूट पर छह बसें, हिसार रूट पर आठ बसें, कुरुक्षेत्र रूट पर आठ बसें और कैथल रूट पर दो बसें रवाना हुई।
सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए ड्यूट मजिस्ट्रेट किए तैनात
बस स्टैंड परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधीश डा. मनोज कुमार ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए हैं। लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता विनोद को जींद बस स्टैंड में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्त किया गया है। वहीं बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी जोजो तनेजा को रिजर्व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर रखा गया है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता संदीप को नरवाना बस स्टैंड परिसर में ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। वहीं बिजली निगम के उपमंडल अधिकरी भजन सिंह को रिजर्व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात किया है। लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता अजय कटारिया को सफीदों बस स्टैंड परिसर के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। वहीं बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी दिनेश कुमार को रिजर्व ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया है।
पुराने बस अड्डे पर अतिरिक्त खड़ी रहीं स्कूल बसें
अभ्यार्थियों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले से निजी स्कूलों की बसों की भी व्यवस्था की हुई थी ताकि बसों की कमी रहने पर स्कूलों की बसों को भेजा जा सके। पुराने बस अड्डे के अंदर और बाहर शनिवार को 500 से ज्यादा स्कूली बसें खड़ी की हुई थी। सुबह के समय वहां से 150 स्कूली बसें निकाली गई और शाम के समय भी 80 से ज्यादा बसों को निकालकर अभ्यार्थियों को लाने के लिए अलग-अलग रूटों पर भेजा गया।
जिन अभ्यार्थियों ने एडवांस बुकिंग करवा रखी थी, उन्हें बस और सीट नंबर अलाट किए गए थे। अल सुबह चार बजे डबवाली के लिए पहली बस निकाली गई। अभ्यार्थियों के लिए अनाउंसमेंट के माध्यम से बस नंबर बताए जा रहे थे। पहली बस जाने के बाद फिर अभ्यार्थियों की सुविधा अनुसार बसों को सीटिंग क्षमता के हिसाब से विभिन्न परीक्षा केंद्रों के लिए भेजा गया।
-अशोक कौशिक, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।
फोटो कैप्शन
नरवाना जंक्शन पर कुरुक्षेत्र से आने वाली ट्रेनों में चढने के लिए जमा भीड़। संवाद- फोटो : Jind