जींद। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण आमजन काफी बेहाल हो चुका है। जिसके चलते शहर के नागरिक अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें अकेले उल्टी, दस्त व लू लगने से पीड़ित मरीजों की संख्या का आंकड़ा प्रतिदिन का 200 के पार हो चुका है। अस्पताल के पर्ची काउंटर व दवाई कांउटर पर मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण लंबी लाइनें लग रही हैं।
मौसम में पिछले चार दिनों से पारा लगातार बढ़ रहा है। दिन की शुरूआत ही गर्म हवा से होती है, जो दोपहर तक लू का रूप धारण कर लेती है। इसकी चपेट में आमजन आकर बीमार हो जाता है। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति 21 किलोमीटर प्रति घंटा और मौसम में आद्रता 14 प्रतिशत रही। दिन मेंं तापमान 44 डिग्री बने रहने के कारण लू का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गर्म हवाओं के कारण डिहाईड्रेशन का खतरा भी लगाता बना हुआ है। भीषण गर्मी तथा लू चलने से उल्टी दस्त, पेट दर्द के मरीजों की संख्या में वृद्वि हो रही है। सबसे ज्यादा बच्चों तथा बुजुर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैंं। जिसके चलते नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1700 तक जा पहुंची है। चिकित्सकों ने लोगो को सलाह दी है कि भीषण गर्मी को देखते हुए घरों से बाहर न निकले ओर ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थों का प्रयोग करें।
फसलों पर भी पड़ रहा विपरित प्रभाव
ज्यादा गर्मी के कारण किसानों की फसल भी खतरे में आई हुई है। इसके कारण किसानों द्वारा तैयार की जा रही धान की पौध भी लगातार सुख रही है। इसके अलावा कपास व ज्वार की फसल जो किसानों द्वारा उगाई गई थी। वह भी गर्मी के कारण सूखने की कगार पर है। इस दौरान बेल वाली फसलें झुलसने लगी हैं वहीं सब्जियों का उत्पादन भी प्रभावित होने लगा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि किसान गर्मी के मौसम को देखते हुए सायं को फसलों की सिंचाई करें, ताकि फसलों को गर्मी के प्रभाव से बचाया जा सके।
डॉ. राजेश मौसम वैज्ञानिक
उल्टी, दस्त व लू लगने पर तुरंत चिकित्सक से करवाएं उपचार
लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण उल्टी, दस्त, बुखार, बदन दर्द, एलर्जी, गला दर्द की बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गर्मी को देखते हुए विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
डॉ. गोपाल गोयल सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।