जींद। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर एक बार फिर बंद होने की तलवार लटक गई है। जिले में ऐसे 40 स्कूल हैं, जो बिना मान्यता के चल रहे हैं। इन स्कूलों में लगभग 18 हजार विद्यार्थी शिक्षण ग्रहण कर रहे हैं। जो बच्चे फिलहाल इन स्कूलों में पढ़ रहे हैं, उनको अगले शैक्षणिक सत्र में किसी अन्य स्कूल में दाखिला लेना पड़ेगा। हालांकि हर वर्ष इस तरह के आदेश आते हैं और सरकार स्कूलों को फिर से समय दे देती है लेकिन इस बार सरकार ने अगले शैक्षणिक सत्र से इन स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
सेकेंडरी शिक्षा विभाग के निदेशक की तरफ से उपायुक्त को भेजे पत्र में कहा कि कुछ स्कूलों के पास केवल आठवीं कक्षा तक मान्यता होती है लेकिन वह दसवीं व 12वीं तक कक्षाएं चलाते हैं। कुछ स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र से केवल मान्यता प्राप्त स्कूल ही बच्चों का दाखिला कर सकते हैं। जिन स्कूलों के पास शिक्षा निदेशालय से जिस कक्षा तक मान्यता है, वह स्कूल उसी कक्षा तक बच्चों का दाखिला कर सकते हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल 40 स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास कोई मान्यता नहीं है। इन स्कूलों में कक्षाएं चल रही हैं। यह स्कूल अपने बच्चों का अन्य स्कूल में दाखिला दिखाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। सरकार द्वारा मान्यता देने के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उनपर यह स्कूल खरे नहीं उतरते, इसलिए इस बार इन स्कूलों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र में साफ कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 में अराजकीय स्कूलों को साल-दर-साल दी जाने वाली अस्थाई मान्यता सीएम के अनुमोदन पर इस शर्त पर दी गई थी कि संबंधित स्कूल आगामी शैक्षणिक सत्रों में केवल उन्हीं कक्षाओं में छात्रों का दाखिला करेंगे। जहां तक वह स्कूल स्थाई मान्यता प्राप्त हैं। अब यह स्कूल उन कक्षाओं में छात्रों का दाखिला नहीं कर पाएंगे, जिन कक्षाओं के संबंध में स्कूल को निदेशालय द्वारा स्थाई मान्यता प्रदान नहीं की गई। पत्र के माध्यम से जिलों के सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वह यह सुनिश्चित करें कि आगामी सत्र में कोई भी निजी स्कूल उन कक्षाओं में दाखिला नहीं करे, जिन्हें निदेशालय द्वारा स्थाई मान्यता प्राप्त नहीं की गई। जब तक कि वह स्कूल कक्षाओं के लिए स्थाई मान्यता प्राप्त नहीं कर लेता।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की जानकारी एकत्रित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। लगभग 40 स्कूल हैं, जो बिना मान्यता के चल रहे हैं। सही संख्या पूरी जानकारी एकत्रित होने के बाद पता चलेगी। बिना मान्यता वाले स्कूल नए शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं नहीं लगा सकेंगे।
-रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी।