गांव बड़ौदा के पास वीरवार रात को सड़क पर अचानक नील गाय आने से बेकाबू हुई कार पेड़ से टकरा गई। इसमें गाड़ी में सवार तीन भाइयों की मौत हो गई, जिनमें एक चचेरा था।
वहीं, दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। कार सवार पांचों युवक जींद में जागरण कार्यक्रम निपटाकर वापस गांव झील आ रहे थे। हादसे की सूचना पाकर उचाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों का नरवाना के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार गांव झील निवासी सोनू (22), उसका सगा भाई ईश्वर (28) तथा चचेरा भाई ज्ञानी (22) माता के जागरण पूजा करने का काम करते थे। साथ ही साथ सोनू और उसका भाई ईश्वर मजदूरी भी करते थे, जबकि उनका चचेरा भाई ज्ञानी नरवाना के राजकीय कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। नवरात्र के चलते तीनों ही भाई जागरण के कार्यक्रमों में व्यस्त थे।
वीरवार को भी तीनों भाई गांव के ही बलबीर के साथ जींद में आयोजित जागरण कार्यक्रम में गए थे। इसके लिए उन्होंने अपने जानकार गांव धनौरी निवासी रणधीर को बुला लिया। इसके बाद पांचों रणधीर की कार में सवार होकर जींद पहुंच गए। जींद से देर रात जागरण कार्यक्रम निपटाकर पांचों कार में सवार होकर गांव की तरफ निकल लिए। जब वे गांव बड़ौदा के पास पहुंचे तो सड़क पर अचानक नील गाय आ गई।
नील गाय को बचाने की चक्कर में चालक रणधीर से गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। इसमें गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गाड़ी में फंसे लोगों को उपचार के लिए नरवाना के अस्पताल में दाखिल करवाया।
यहां चिकित्सकों ने सोनू, ईश्वर और ज्ञानी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गाड़ी चालक रणधीर की गंभीर हालात देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उसे उपचार के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में ले गए। जबकि हादसे में घायल गांव झील निवासी बलबीर को उपचार देकर छुट्टी दे दी। घायल बलबीर ने बताया कि वे जींद में जागरण कार्यक्रम में गए हुए थे। उनके साथ धनौरी निवासी उनका दोस्त रणधीर भी अपनी कार लेकर आ गया था।
थाना प्रभारी सोमवीर ढाका ने बताया कि रात को पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद घटना स्थल पर पहुंच गई थी। टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि गाड़ी बीच से अलग हो गई। इसमें सवार तीन युवकों की मौके पर मौत हो गई।
झील गांव में छाया मातम
सड़क हादसे में एक साथ तीन युवकों की मौत से गांव झील में मातम छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले गांव में एक साथ तीन लोगों का अंतिम संस्कार कभी नहीं हुआ था। वहीं, हादसे में दो सगे भाइयों की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। परिजनों के अनुसार तीनों भाई अविवाहित थे। सोनू तथा ईश्वर सात भाई-बहन हैं। सोनू की मां फूलपति इस हादसे के बाद सदमे में है।