गांव कालवा में जमीन विवाद को लेकर की गई फायरिंग में घायल हुए ज्वेलर्स राजकुमार ने पीजीआई रोहतक में दम तोड़ दिया। उसके छोटे भाई संदीप की बुधवार को ही मौत हो गई थी।
दोनों भाइयों की हत्या से गुस्साए परिजन व ग्रामीण मृतक के शव को पीजीआई से जींद-पानीपत मार्ग पर ले आए और खेड़ी तलौडा के पास मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि दोहरे हत्याकांड में हत्याकांड के मुख्य आरोपी सहित पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि आरोपी सोनू का चाचा फिलहाल फरार है।
इसलिए आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। मृतकों की पत्नियों को सरकारी नौकरी दी जाए। जाम लगने की सूचना पाकर डीएसपी हरेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण डीसी व एसएसपी को मौके पर बुलाने की बात पर अड़े रहे। बाद में एसएसपी अभिषेक जोरवाल मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की।
एसएसपी ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के आदेश दिए और एक पुलिस पीसीआर उनके घर के बाहर तैनात कर दी। तीन घंटे बाद, लगभग सात बजे परिजन जाम खोलने को तैयार हुए। शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।
गांव कालवा में जमीनी विवाद को लेकर राजकुमार उर्फ राजू तथा उसके छोटे भाई संदीप की उसके चचेरे भाई सोनू ने गोली मार दी थी। इसमें संदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजकुमार उर्फ राजू को पीजीआई रोहतक में दाखिल करवाया गया, जिसकी उपचार के दौरान वहां पर मौत हो गई।
राजकुमार की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में गुस्सा फूट पड़ा और ग्रामीणों को साथ लेकर जींद-पानीपत मार्ग पर पहुंच गए और खेड़ी तलौडा पॉवर हाउस के सामने राजकुमार के शव को रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान मृतक संदीप की पत्नी रूमन ने आरोप लगाया कि उसके पति व जेठ की योजनाबंद तरीके से हत्या की गई है। आरोपी सोनू के साथ उसके छोटे भाई मोनू, टींकू व पिता कृष्ण, चाचा रमेश ने साजिश में शामिल रहे हैं।
इसमें पुलिस ने अन्य आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आरोपी का चाचा फिलहाल फरार चल रहा है। इसके चलते उनके परिवार में डर का माहौल है। इसलिए आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। सफीदों डीएसपी हरेंद्र कुमार ने आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए।
नौकरी के लिए डीसी को लिखित में दें
लगभग छह बजे एसएसपी अभिषेक जोरवाल मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। इस दौरान परिजनों ने फरार चल रहे आरोपी रमेश को गिरफ्तार करने, मृतकों की दोनों पत्नियों को सरकारी नौकरी देने तथा विवादित जमीन पर कब्जा दिलवाने तथा परिवार को जान का खतरा बताकर सुरक्षा देने की मांग की। इस पर एसएसपी ने तुरंत पीड़ित परिवार के सुरक्षा में पीसीआर तैनात करने के आदेश दिए। नौकरी संबंधित मामले के लिए शुक्रवार को डीसी को लिखित में देने की बात कही। इस पर परिजन जाम खोलने के लिए तैयार हो गए। लगभग तीन घंटे लगे जाम से राहगीर काफी परेशान हुए।
जमीन विवाद के कारण चली गोली
परिजनों ने बताया कि कई साल पहले से सोनू व राजकुमार उर्फ राजू के दादा नेे जसवंत ने गांव थराना (मतलौडा) में पांच एकड़ जमीन खरीदी थी और पिल्लूखेड़ा कस्बे में दो प्लाट व जींद शहर में दो दुकान थी। जमीन का बंटवारा करते समय जसवंत ने राजू को जमीन का अधिक हिस्सा दे दिया। इसके कारण सोनू व राजू के परिवार में रंजिश हो गई। रंजिश के चलते सोनू ने राजकुमार उर्फ राजू व उसके छोटा भाई संदीप को गोली मारकर हत्या कर दी।
पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी जगबीर दहिया ने बताया कि रंजिशन फायरिंग में घायल हुए राजकुमार उर्फ राजू की उपचार के दौरान पीजीआई में मौत हो गई। परिजनों ने मुख्य आरोपी सोनू के अलावा अन्य पर भी साजिश रचने का आरोप लगाया है। उसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।