जींद में लोगों को दोगुने रुपये देने का लालच देकर ठगी करने वाला गिरोह हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में अपना शिकार बनाता था। गिरोह के सभी आरोपी आठवीं-दसवीं तक पढ़े हुए हैं, जबकि कैथल के तितरम निवासी बलिंद्र उर्फ बिंद्र इस गिरोह का मुखिया है, जोकि सात-आठ साल से यह गिरोह चला रहा है। इनके खिलाफ 18 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
हालांकि इनकी कई मामलों में गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अदालत से जमानत पर दोबारा फिर लोगों को ठगने का खेल शुरू कर देते हैं। वह अब तक 18 से ज्यादा लोगों को अपने जाल में फांस चुके हैं और उनसे 20 लाख से ज्यादा की राशि हड़प चुके हैं।
पकड़े गए गिरोह में कैथल जिले के तितरम गांव निवासी बलविंद्र उर्फ बिंदर, राजीव उर्फ बंटी, दीपक, जींद के गांव निर्जन निवासी हरिदास और जींद शहर के जोगेंद्र नगर निवासी रमन तथा कैथल के राजौंद निवासी अनिल शामिल हैं। जींद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया है।
थमा देते थे नकली नोट
ठग गिरोह आम जरूरतमंद लोगों की पहचान करके उनको असली नोट यह कहकर देते थे कि यह नकली नोट हैं। इन्हें बाजार में चलाकर देखो, चूंकि वह नोट असली होता था, तो बाजार में आसानी से चल जाता था। फिर उस व्यक्ति को कहते कि हम तुम्हें दोगुनी रकम देंगे, जो नोट नकली होंगे, लेकिन असल की तरह चलेंगे।
फिर आम लोग इनके झांसे में आ जाते थे और जब व्यक्ति इनके पास रकम लेकर पहुंचता था तो ये आरोपी उस राशि को छीनकर भाग जाते थे या फिर उनको सफेद कागज के नोटों की गड्डियां, जिनके ऊपर-नीचे असली नोट लगे होते थे, देकर भगा देते थे। उसी समय इनके साथी, जोकि पुलिस की वर्दी में होते थे, वहां आकर पीड़ित व्यक्ति को डरा-धमका कर भगा देते थे। आरोपियों ने ऐसी वारदात राजस्थान और पंजाब आदि जगहों पर भी अंजाम दी हैं।
4-4 लाख रुपये ऐंठ चुके हैं आरोपी
गिरोह के सदस्य राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में 18-20 लोगों को शिकार बना चुके हैं। इनमें कई लोग ऐसे हैं, जिनसे चार-चार लाख रुपये वसूले गए हैं। वहीं कुछ ऐसे हैं, जो नोट दोगुने के चक्कर में दो-दो लाख रुपये गंवा चुके हैं। इनमें गिरोह मुखिया बलिंद्र उर्फ बिंदर शातिर है। वह अपने गिरोह के लोगों को बदलता रहता था। पुराने को छोड़कर नए को शामिल कर लेता था, ताकि कहीं वह पुलिस के हाथ उन तक न पहुंच सके। वहीं फर्जी नंबर प्लेट रखने का भी यही कारण था, ताकि पुलिस गाड़ियों को ट्रेस न कर सके।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले
आरोपी रमन के खिलाफ 26 जनवरी 2016 को थाना शहर जींद में धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
आरोपी हरिदास के खिलाफ आठ मामले दर्ज
23 नवंबर 2016 थाना शहर कुरुक्षेत्र में आर्म्स एक्ट, 17 जुलाई 2008 थाना शहर जींद में आबकारी अधिनियम के तहत, 22 अक्तूबर 2005 थाना शहर हिसार में धोखाधड़ी, 15 अप्रैल 2011 थाना शहर नरवाना में धोखाधड़ी, 21 जुलाई 2012 थाना शहर जींद में धोखाधड़ी, 29 जनवरी 2014 थाना सदर नरवाना में धोखाधड़ी, 01 जुलाई 2006 थाना शहर जींद में आबकारी अधिनियम के तहत, 27 अगस्त 1997 थाना शहर जींद में आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
आरोपी अनिल वासी राजौंद के खिलाफ अभियोग
10 अप्रैल 2013 थाना संगरूर (पंजाब) में धोखाधड़ी, 31 मार्च 2011 थाना घरौंडा जिला करनाल में धमकी देने के मामले दर्ज हैं।
आरोपी राजीव उर्फ बंटी के खिलाफ दर्ज अभियोग
23 अक्तूबर 2018 को सदर सफीदों में धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
दीपक उर्फ फौजी के खिलाफ दर्ज अभियोग
10 मई 2018 थाना पूंडरी में धमकी देने का मामला दर्ज।
आरोपी बलविंद्र उर्फ बिंदर के खिलाफ अभियोग
23 अक्तूबर 2018 थाना सदर सफीदों में धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज।
पुलिस ने लोगों से राशि ऐंठने वाले गिरोह के छह सदस्यों को पकड़ा है। सभी आरोपी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। इस गिरोह का मुखिया बलिंद्र उर्फ बिंदर है। आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से अन्य वारदात के बारे में पूछताछ की जाएगी।
-सुमित कुमार, एसपी जींद।