नागरिक अस्पताल में शनिवार को गांगोली की एक हैचरी में काम करने वाली उत्तर प्रदेश के चित्रकूट निवासी महिला डिलीवरी अस्पताल के बाहर होने के मामले की जांच करने के लिए महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल रविवार को जींद पहुंची। इस दौरान उन्होंने नागरिक अस्पताल में महिला के परिजनों से भी बातचीत की और अस्पताल के अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद कमलेश पांचाल ने मामले की जांच की बात कही है।
शनिवार को गुडिया नामक महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल लाया गया था।
यहां जिस समय उसे लेबर रूम में ले जाया गया, वह लघुशंका के लिए बाहर आ गई। महिला के परिजनों का मानाना है कि हालांकि महिला चिकित्सकों ने उसे बाहर जाने से मना किया था, लेकिन वह नहीं मानी। जब वह बाहर आई तो यहीं पर उसने बच्चे को जन्म दे दिया। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने शनिवार को ही महिला चिकित्सक डॉ. मंजू सिंगला और डॉ. निशा की टीम गठित कर जांच सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट में भी महिला द्वारा स्वयं ही बाहर जाने की बात सामने आई थी।
महिला सुबह करीब आठ बजे कालवा सीएचसी में आई थी। इसे एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल लाया गया। यहां दोपहर करीब 12 बजे से लेबर रूम में शिफ्ट किया गया। यहां तीन और महिलाओं का प्रसव चल रहा था। इससे गुड़िया को घबराहट हो रही थी। उसने बाहर जाने की इच्छा जताई, लेकिन महिला चिकित्सक ने बाहर जाने से मना कर दिया। कुछ देर बाद जब चिकित्सक दूसरी महिला का प्रसव करवा रही थी तो यह महिला बाहर चली गई और बच्चे का जन्म हो गया। इस दौरान तुरंत उसे संभाल लिया गया था।
-डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
मामले की जांच की गई है। इसमें चिकित्सकों और स्टाफ की कोई कमी नजर नहीं आ रही है। महिला अपनी मर्जी से बाहर गई थी, लेकिन फिर भी मामले की जांच की जाएगी। -कमलेश पांचाल, चेयरपर्सन महिला आयोग, हरियाणा।