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शहर थाना के बाहर किया हंगामा

Sun, 07 Aug 2016 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
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शहर थाना के बाहर प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 करीब एक माह पहले जींद से लापता हुए वाल्मीकि समुदाय के युवक राहुल के मामले में सही कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए समुदाय के लोगों ने शनिवार को शहर थाना के बाहर बवाल काटा और धरना शुरू कर दिया। धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि 14 जुलाई को युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी, इसके बाद पुलिस ने कुछ नहीं किया। उन्हें पांच अगस्त को सूचना मिली कि उनके बेटे का लावारिस मान कर संस्कार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने ने शहर थाना प्रभारी और मामले के जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शनिवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे वाल्मीकि समुदाय के लोग एकत्रित होकर देवी दत्त की अध्यक्षता में शहर थाना के बाहर रोष व्यक्त करने पहुंच गए। इस दौरान राहुल के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राहुल की तलाश करने में गंभीरता नहीं दिखाई। यदि ऐसा होता तो आज राहुल उनके बीच होता। लोगों ने कहा कि 14 जुलाई को पुलिस को शिकायत देने के बाद भी राहुल को ढूंढने का प्रयास नहीं किया। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी शहर थाना के बाहर डटे थे और पुलिस इन्हें मनाने का प्रयास कर रही थी।
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परिजनों को हत्या की आशंका
राहुल के भाई अरुण कुमार ने बताया कि राहुल की शादी हिसार निवासी एक युवती के साथ तय की थी, लेकिन बाद में रिश्ता टूट गया था। ऐसे में उन्हें शक है कि राहुल की हत्या भी हो सकती है। इन लोगों ने कहा कि पुलिस से शव के जो फोटो उन्हें मिले हैं, उसमें राहुल के चेहरे पर चोट के निशान हैं।


यह है मामला
पुलिस के अनुसार 13 जुलाई को राहुल ने अपने के दोस्त के पास फोन कर कहा कि वह उसे अंतिम कॉल कर रहा है। युवक के पूछे जाने पर राहुल ने बताया कि वह हांसी ब्रांच नहर पर रेलवे पुलिस के पास है। राहुल के दोस्त ने इसकी सूचना राहुल की मां को दी और जब वे दोनों रेलवे पुल के पास पहुंचे तो राहुल वहां नहीं था। ऐसे में राहुल की तलाश की गई। 14 जुलाई को राहुल की गुमशुदगी की रिपोर्ट शहर थाना पुलिस में करवाई गई। शहर थाना प्रभारी सज्जन सिंह के अनुसार 15 जुलाई को हांसी पुलिस को एक शव मिला, जिसकी शिनाख्त नहीं होने पर हांसी पुलिस ने 18 जुलाई को अज्ञात शव मानकर उसका संस्कार कर दिया।
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पुलिस ने की पूरी कार्रवाई
पुलिस ने अपने स्तर पर पर कार्रवाई पूरी की है। जैसे ही पुलिस को हांसी में लावारिस शव की सूचना मिली, उसके कपड़ों और अन्य सामान से पहचान के लिए राहुल के परिजनों को वहां पुलिस ले गई थी, लेकिन उन्होंने कपड़ों से पहचानने से मना कर दिया। इसके बाद राहुल के परिजनों ने कहा कि किसी ने राहुल को रोहतक में देखा है। पुलिस परिजनों को लेकर रोहतक भी गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद परिजनों के आरोप पर हिसार में उस युवती के घर भी गई और राहुल के परिजनों के सामने उससे बातचीत की।
कप्तान सिंह, डीएसपी सिटी,

 
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