बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की टीम ने संगतपुरा गांव में नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई। इस दौरान लड़की के परिजनों से बालिग नहीं होने तक शादी नहीं करने के लिए लिखित में लिया। महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय को सूचना मिली थी कि संगतपुरा गांव से एक लड़के की बारात फतेहाबाद जिले के गांव ढाणी गोपालपुर जा रही है।
सूचना मिलते ही सहायक महिला सुरक्षा अधिकारी रवि लोहान, महिला हेड कांस्टेबल गीता देवी, कांस्टेबल अशोक कुमार, एसपीओ सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे तो बारात ढाणी गोपालपुर जाने के लिए तैयार खड़ी थी। इस पर दूल्हे के परिवारवालों सेे जब उसके जन्म प्रमाण पत्र मांगे, तो उन्होंने स्कूल सर्टिफिकेट दिखाया। उसमें दूल्हा बालिग पाया गया, उसकी उम्र 22 वर्ष मिली। इसके बाद लड़की के परिजनों से भी उसकी उम्र पूछी गई और लड़की जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार नाबालिग पाई गई।
उसकी उम्र मात्र साढ़े 15 वर्ष मिली और वह 10वीं कक्षा की छात्रा मिली। इस पर टीम ने शादी न करने के लिए दोनों पक्षों को समझाया गया कि कानूनन लड़की की शादी की उम्र 18 वर्ष निर्धारित है। अभी लड़की नाबालिग हैं। इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें, ताकि कोई कानूनी अड़चन न हो। इसके बावजूद भी अगर आप अपने लड़के की शादी नाबालिग लड़की से करते हैं, तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिर दूल्हा पक्ष के परिवार के लोगों ने लिखित में बयान देकर लड़की के बालिग होने तक उसका विवाह न करने का आश्वासन दिया।