गांव भाणा ब्राह्मणा में सोमवार सुबह मकान की छत गिरने से पति-पत्नी घायल हो गए। उस समय पूरा परिवार मकान में सोया था, गनीमत रही कि पति पत्नी को मामूली चोट आई। दोनों घायलों को ग्रामीणों ने नागरिक अस्पताल दाखिल करवाया। जानकारी के अनुसार गांव भाणा ब्राह्मणा निवासी सत्यनारायण रविवार रात को अपनी पत्नी भरथो और लड़के विकास तथा विक्रम के साथ सो रहा था। कई वर्षों से पुराने और कच्चे मकान होने के चलते सोमवार अल सुबह अचानक मकान की छत गिर गई। इसमें छत के मलबे के नीचे दबने से सत्यनारायण और उसकी पत्नी भरथो घायल हो गई, जबकि उसके दोनों लड़के बाल-बाल बच गए। छत गिरते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल में दाखिल करवाया।
घायल सत्यनारायण ने बताया कि वह इंदिरा गांधी आवास योजना के लिए पिछले पांच वर्षों से फार्म भर रहा है, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने कोई सहायता नहीं की। उन्होंने बताया कि वह मजदूरी का काम करता है और बड़ी मुश्किल से परिवार का पेट भरता है। इसके कारण वह मकान बनाने में असमर्थ है। सत्यनारायण ने बताया कि सोमवार सुबह साढ़े तीन बजे अचानक मकान की छत और दीवार गिर गई। आवाज सुनते ही आसपास के लोगों ने उन्हें मलबे से निकाला और नागरिक अस्पताल लेकर आए। मलबे के नीचे हजारों रुपये का सामान दब गया। हादसे में दोनों बच्चे बाल-बाल बच गए।