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दालमवाला स्कूल में बदमाश कड़वा का खौफ

Tue, 20 Sep 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
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ग्रामीणों से बातचीत करते हुए डीसी विनय सिंह। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 गांव दालमवाला के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पूर्व छात्र पुनीत उर्फ कड़वा के आतंक ने जिले की कानून व्यवस्था पर ही सवालिया निशान लगा दिया है। कड़वा कोई नामी बदमाश नहीं है, लेकिन एक बार शिक्षक को फोन पर रंगदारी के लिए धमकी देने के अलावा दोबारा हथियारों के साथ स्कूल में जाकर दहशत फैला दी है। सोमवार को जब आरोपी कड़वा स्कूल पहुंचा तो शिक्षकों को स्कूल छोड़कर डीईओ कार्यालय में ही शरण लेनी पड़ी। इसके बाद डीसी विनय सिंह ने स्कूल पहुंचकर स्कूल खुलवाया। अब पुलिस के साथ-साथ ग्रामीण भी यहां सुरक्षा में तैनात रहेंगे।


 20 वर्षीय बदमाश कड़वा उर्फ पुनीत सोमवार को फिर से दोनों हाथों में पिस्तौल लेकर स्कूल में दस्तक देकर पुलिस सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी। सोमवार सुबह आठ बजे जब स्टाफ और बच्चे स्कूल में पहुंचकर अपनी कक्षा में जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान कड़वा बाइक पर सवार होकर स्कूल के पीछे लगे छोटे गेट से स्कूल में अंदर घुस गया। इस दौरान कड़वा अपने दोनों हाथों में पिस्तौल लेकर सीधे प्राचार्य कार्यालय में घुस गया। जहां पर प्राचार्य सुरेंद्र वर्मा नहीं मिलने पर वापस जाने लगा। इस दौरान स्कूल के बच्चे उसके पीछे दौड़ने लगे, लेकिन वह बाइक पर सवार होकर दिल्लूवाला गांव के रास्ते से होते हुए चला गया। स्टाफ के अनुसार इस दौरान कड़वा ने किसी को कुछ नहीं बोला, बल्कि दोनों हाथों में पिस्तौल लहराते हुए चुपचाप चला गया। स्कूल स्टाफ के सदस्यों ने इसकी सूचना गांव के सरपंच जगदीश और सदर थाना पुलिस को दी। सूचना देने के लगभग आधा घंटे के बाद पुलिस पीसीआर मौके पर पहुंची। वहीं कड़वा के स्कूल में घुसने से स्टाफ में दहशत का माहौल बन गया। स्कूल स्टाफ ने बच्चों की छुट्टी कर दी और सभी शिक्षक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंच गए। जहां पर लगभग दो घंटे तक स्कूल के शिक्षक बैठे रहे, लेकिन बाद में डीसी विनय सिंह स्कूल में पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान डीसी ने स्टाफ को स्कूल में बुलाया और उनको आश्वासन दिया कि उनको पूरी सुरक्षा दी जाएगी। इसलिए वह फिर से कक्षाएं लगजाए। डीसी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस एक पीसीआर स्कूल लगने से पहले ही पहुंच जानी चाहिए और छुट्टी होने तक पुलिस कर्मी स्कूल में तैनात रहेंगे। इसके बाद स्टाफ के सदस्य कक्षाएं लगाने के लिए तैयार हो गए।
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पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
गौरतलब है कि पुलिस ने स्कूल के शिक्षक से रंगदारी मांगी थी, जिसके बाद पुलिस ने शिक्षक की शिकायत पर रंगदारी मांगने का मामला दर्ज किया था। स्कूल स्टाफ ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शनिवार को भी शातिर बदमाश कड़वा स्कूल में आया था। इसके बाद एसएसपी शशांक आनंद ने स्कूल टाइम पर पीसीआर तैनात करने के आदेश दिए थे। सोमवार को सुबह आठ बजे स्कूल लग गया, लेकिन पीसीआर वहां पर नहीं पहुंची। जब बदमाश हथियारों को लहराते हुए स्कूल के अंदर आ गया। जब स्टाफ ने सूचना दी तो लगभग आधा घंटे के बाद सदर थाना प्रभारी रोहताश सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। स्टाफ का कहना है कि अगर पुलिस सुबह ही सिविल ड्रेस में वहां पर तैनात होती तो आज ही उसे पकड़ा जा सकता था, लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण उसको पकड़ा नहीं जा सका। लगातार दूसरी बार पिस्तौल से लैस होकर आरोपी कड़वा के स्कूल में घुसने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

जब सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों का उनको खरी-खरी सुनाई। ग्रामीणों ने यहां तक कह दिया कि आप एक छोटे से मुजरिम को नहीं पकड़ पा रहे तो बड़े बदमाशों का आप क्या करेंगे? सदर थाना प्रभारी रोहताश ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए चार टीमें संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है। दो टीमें अपराध शाखा पुलिस, एक अलेवा थाना प्रभारी के नेतृत्व में व एक टीम उनके नेतृत्व में आरोपी कड़वा की तलाश में लगी हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। स्कूल स्टाफ को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। अब पुलिस की गाड़ी स्कूल लगने से पहले ही पहुंच जाएगी और छुट्टी होने तक वहीं पर तैनात रहेगी।

अब ग्रामीण अपने स्तर पर करेंगे स्टाफ की सुरक्षा
स्कूल स्टाफ की सुरक्षा करने में पुलिस नाकाम साबित होने पर अब ग्रामीणों ने अपने ही स्तर पर सुरक्षा करने का फैसला लिया है। सरपंच जगदीश ने बताया कि डीसी विनय सिंह ने स्कूल में पहुंचकर मामले में ग्रामीणों का सहयोग मांगा है। इसलिए पुलिस पीसीआर के साथ गांव के 15-20 युवा स्कूल टाइम में आसपास ही तैनात रहेंगे, ताकि कड़वा को काबू में किया जा सके।

 डरा है मेरा परिवार
प्राचार्य सुरेंद्र वर्मा को 11 सितंबर को फोन पर धमकी देकर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने के बाद वह स्कूल में नहीं गए है। सोमवार को भी प्राचार्य सुरेंद्र वर्मा अपनी हाजरी लगाने के लिए डीईओ कार्यालय में पहुंचे। जहां पर मौजूद स्टाफ को प्राचार्य सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि वह खुद डरे हुए नहीं है, बल्कि उसके परिवार के सभी लोगों में डरे हुए है। इसलिए उसका परिवार चाहता है कि जब तक शातिर बदमाश कड़वा पकड़ा नहीं जाता है तब तक वह शहर को छोड़कर ही किसी दूसरे ठिकाने पर चले जाए। इस पर स्कूल स्टाफ ने भी उनकी इस राये पर सहमति जता दी। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि जब तक कड़वा को पकड़ा नहीं जाएगा वह दालमवाला के स्कूल में डयूटी पर नहीं जाएंगे।


स्कूल में भय का माहौल
डीसी विनय सिंह ने बताया कि गांव का ही एक युवक हथियारों से लैस होकर दो बार स्कूल में घुस चुका है, इसके चलते स्कूल स्टाफ में भय का माहौल है। स्कूल के अंदर इस प्रकार की गतिविधियों से पढ़ने वाले बच्चों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। डर के चलते स्टाफ ने बच्चों की छुट्टी कर दी थी, लेकिन उनको सुरक्षा का भरोसा देकर दोबारा से स्कूल को लगवा दिया है। छुट्टी होने के चलते बच्चे स्कूल से चले गए थे, लेकिन मुनादी करवाकर बच्चों को आने का आह्वान किया है। स्कूल के अंदर पीसीआर तैनात रहेगी।
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गांव के अंदर भी घूमा आरोपी
गांव के सरपंच जगदीश ने बताया कि आरोपी कड़वा स्कूल में घुसने के बाद बाइक पर गांव की कुछ गलियों में भी घूमा है। इसके बाद आरोपी दिल्लूवाला के रास्ते से होते हुए निकल गया। इसके बारे में पहले सदर थाना प्रभारी के फोन पर कॉल की, लेकिन वह बंद मिला। बाद में किसी तरीके उनसे संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी कड़वा ने स्कूल के प्राचार्य सुरेंद्र वर्मा के साथ-साथ गांव कई लोगों को धमकी दे रखी है।

 
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