गांव ढाठरथ के निकट एक सप्ताह पहले पिस्तौल के बल पर कार लूटने के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गाड़ी लूटने में प्रयोग की गई पिस्तौल जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पिल्लूखेड़ा थाने से लूटी थी। पुलिस ने आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पिस्तौल को बरामद कर लिया। गांव खेड़ा खेमावती निवासी रोहित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी कार को टैक्सी के रूप में चलाता है।
24 अगस्त को उसके पास एक व्यक्ति आया और गांव मोहम्मदखेड़ा जाने की बता कही। इस पर वह गाड़ी को किराये लेकर मोहम्मदखेड़ा की तरफ चल पड़ा। जब वह गांव ढाठरथ के निकट पहुंचा तो कार सवार तीन युवक आए और गाड़ी को ओवरटेक करके उसे रोक लिया और पिस्तौल तानकर उसे नीचे उतार दिया और गाड़ी को लेकर फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ लूटपाट व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस जांच में गांव सिंघपुरा निवासी बलिंद्र, गांव कालवा निवासी मोहित, अमित का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी बलिंद्र ने खुलासा किया कि गाड़ी के लूटपाट में प्रयोग की गई पिस्तौल जाट आरक्षण के दौरान पिल्लूखेड़ा थाने से लूटी थी। इसी पिस्तौल के माध्यम से उसने गाड़ी के लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी से पिल्लूखेड़ा थाने से लूटी गई पिस्तौल को बरामद कर लिया।
पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी सुरेंद्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बलिंद्र ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान थाने में जमा लाइसेंसी रिवाल्वर को लेकर फरार हो गया था। इसी पिस्तौल से उसने 24 अगस्त को ढाठरथ के निकट गाड़ी लूटने में प्रयोग किया। आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे पिस्तौल को बरामद कर लिया। आरोपी खुलासा किया है कि वह पिल्लूखेड़ा थाने में लूटपाट के अलावा सरकारी कार्यालय में आगजनी करने की वारदातों में भी शामिल है।