गांव पड़ाना में रविवार देर शाम को जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय ने एक नाबालिग लड़की की शादी को रुकवाया। शादी में जहां दूल्हे की उम्र लगभग 26 वर्ष थी वहीं लड़की नाबालिग 17 वर्ष पाई गई। दोनों के परिवारजनों ने लिखित में लड़की के बालिग होने तक शादी नहीं करने का प्रशासन को शपथ पत्र दिया।
जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर को महिला हेल्प लाइन से सूचना मिली थी कि जिले के पडाना गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी 28 फरवरी को होनी थी, लेकिन उसके परिजन गुप्त तरीके से आज देर रात को ही उसकी शादी कर रहे हैं और बारात भी गांव करेला से आएगी। इस पर कार्यवाही करते हुए सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान महिला थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे तो पाया गया कि परिजन शादी की तैयारी कर रहे हैं। इस पर दोनों पक्षों को महिला पुलिस थाने में बुलाया गया और लड़की के परिवार वालों से लड़की के जन्म प्रमाण पत्र मांगा तो पहले तो कोई भी सबूत देने में आना कानी की लेकिन जब सख्त कार्यवाही करने की बात कही।
तीन घंटे बाद स्कूल सर्टिफिकेट पत्र दिखाए उसमें लड़की नाबालिग पाई गई और दूल्हे की उम्र 26 वर्ष मिली। इस मामले में जब दोनों के परिवारजनों से बातचीत की गई और परिवार जनों को भी समझाया गया कि लड़की नाबालिग है इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए। इसके बावजूद भी अगर आप नाबालिग लड़की की शादी करते हैं तो आप सभी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।