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Jind: बैंक मैनेजर समेत चार पर एक करोड़ की ठगी का मुकदमा दर्ज, रोजगार दिलवाने के नाम पर हड़पे

Wed, 13 Dec 2023 12:12 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

रोजगार दिलवाने के नाम पर फर्जी तरीके से बेरोजगारों के दस्तावेजों का प्रयोग कर राशि हड़पने का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के जींद में नरवाना में यूनियन बैंक के मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने बेरोजगारों को लोन दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये की ठगी की। इसमें नरवाना शहर थाना पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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शहर थाना नरवाना पुलिस को दी शिकायत में टोहाना निवासी मुकेश, नरवाना निवासी नीलम, बडनपुर निवासी सोनू, हांसी निवासी अंजू, गुरदीप सैंथली और गगनदीप दबलैन ने संयुक्त रूप से पुलिस को शिकायत दी । कहा कि वह सभी बेरोजगार हैं और उन्हें अपना काम-धंधा शुरू करने के लिए लोन की जरूरत थी।

इसी दौरान उन्हें सैंथली गांव का नरेश मिला और उसने कहा कि नरवाना यूनियन बैंक के मैनेजर से उसकी अच्छी जान पहचान है। वह कमीशन लेकर लोन दिला देगा। उन्होंने कमीशन देने की हामी भर ली। नरेश ने उन्हें अपने-अपने आधार कार्ड लेकर आने को कहा। सभी पीड़ित अपने आधार कार्ड लेकर बैंक की शाखा में पहुंचे जहां बैंक मैनेजर राजेश नेहरा व कर्मचारी राकेश, सुधीर और अशोक आदि ने उनसे फार्म पर साइन करवा लिए और कहा कि कोटेशन के आधार पर उन्हें लोन मिलेगा।
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पीड़ितों के अनुसार, बैंक ने अपने स्तर पर ही कोटेशन आदि लगाकर पीड़ितों के नाम से लोन मंजूर करवा कर पैसा हड़प कर लिया। लोन की सिक्योरिटी के रूप में उनसे कुछ पैसा लिया गया था। इस शिकायत के आधार पर नरवाना के डीएसपी ने जांच की तो एक मामला उनके संज्ञान में आया।

चमेला कॉलोनी निवासी सतवीर की शिकायत के अनुसार, जब उसकी जांच की गई तो पाया गया कि उसमें जींद के पुराना हांसी रोड स्थित गुप्ता मशीनरी स्टोर की कोटेशन लगाया गया था और उसी के खाते में पैसे गए हैं। गुप्ता मशीनरी स्टोर के मालिक ने मशीन दिया जाना स्वीकारा, लेकिन सतवीर ने कोई मशीन मिलने या रोजगार शुरू होने से मना किया।

इसके बाद पुलिस ने बैंक का रिकॉर्ड खंगाला तो पाया गया कि बैंक मैनेजर ने 22 जुलाई 2022 को नरवाना के इंडस्ट्रियल एरिया में प्लॉट नंबर 33 पर विजिट कर मशीन स्थापित होना बताया गया है जबकि प्लाॅट के मालिक राहुल पुत्र जैलीराम वासी शक्तिनगर नरवाना ने कहा कि उसने न तो कभी यह प्लाट किराये पर दिया है और न ही उसके पास कोई मशीन आई है।

राहुल ने पुलिस को बताया कि जो तारीख बैंक मैनेजर ने अपनी विजिट की दिखाई है, उस तारीख में उसके प्लाॅट पर निर्माण चल रहा था। डीएसपी की जांच के बाद नरवाना शहर थाना पुलिस ने इस मामले में बैंक मैनेजर राजेश नेहरा, राकेश, सुधीर व अशोक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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