विवादों के घेरे में रहने वाली जिला जेल एक बार फिर से सुर्खियों में है। बदमाशों के पास मोबाइल फोन मिलने व मारपीट के मामलों से चर्चित रहने वाली जेल में इस बार कैदियों के मनोरंजन की आड़ में एशो-आराम का मामला सामने आया है। महिला कलाकारों के साथ जेल प्रशासन के हेड कांस्टेबल के डांस करने और कैदी-बंदियों द्वारा डांसरों पर नोटों की बारिश करने का वीडियो वायरल हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन होली पर्व पर जेल के अंदर व बाहर मौजूद शातिर बदमाशों की शह पर किया गया। इसके बावजूद जेल प्रशासन कार्रवाई करने की बजाय पूरे मामले का दबाने की जुगत में लगा रहा।
जींद जेल के अंदर इस तरह की कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले शातिर बदमाशों के पास से पुलिस ने पकड़े मोबाइल पर खुलासा हुआ कि जेल के अंदर से फोन का जमकर प्रयोग किया गया। इसमें लगभग एक माह के अंदर फोन से लगभग पांच हजार कॉल की गई और फोन से जेल के अंदर से दिन-रात बातचीत होती रही, लेकिन जेल प्रशासन ने उनके साथ कोई रोक-टोक नहीं की। पुलिस की ओर से यह खुलासा करने के बावजूद इस पूरे मामले को दबा लिया गया और उसकी जांच को आगे नहीं बढ़ने दिया। लगभग एक साल पहले दुराचार के मामले में जेल में बंद युवक के साथ युवती के पिता ने अंदर घुसकर मारपीट की थी। इसमें भी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इस मामले में भी एक जेल वार्डन की संलिप्तता पाई गई थी और उनको सस्पेंड कर दिया था।
अब सपना को बुलाने की थी तैयारी
जेल प्रशासन व शातिर बदमाश इतने घुल मिल गए हैं कि उनकी हर इच्छा को पूरा किया जा रहा है। होली से पहले वीरपाल की पार्टी को बुलाकर कैदियों व जेल के कर्मचारियों ने महिला कलाकारों के साथ जमकर डांस किया और नोटों की बरसात की। जेल सूत्रों के अनुसार जल्द ही जेल के अंदर हरियाणवी कलाकार सपना चौधरी को बुलाने की तैयारी चल रही थी। इस बीच यह वीडियो वायरल होने से जेल प्रशासन की कार्यशैली का भंडाफोड़ हो गया।
एडीजीपी ने किया तलब
वीडियो के अंदर दिखाई दे रहे हेड कांस्टेबल और जेल अधीक्षक आत्माराम बिश्नोई को एडीजी जेल ने तलब कर लिया था। इसके बाद जेल की गतिविधियों को देखते हुए जेल के 24 कर्मचारियों को एक साथ तबादला कर दिया और उनको दूर दराज की जेलों में तैनात किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में आला अधिकारी नप सकते हैं। सूत्रों की मानें तो जिस दिन जेल के अंदर महिला कलाकारों का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, उसमें जिला प्रशासनिक अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया था। इसमें जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
शपथ पत्र देने को तैयार
यह कार्यक्रम उनकी जेल का नहीं है। इसके लिए वह शपथ पत्र देने को तैयार हैं। सत्यवान नाम का हेड कांस्टेबल भी उनकी जेल में तैनात नहीं है। जींद जेल की वीडियो बताकर गुमराह किया जा रहा है।
- सेवा सिंह, जेल उपाधीक्षक, जींद