हथवाला के 33 वर्षीय राजेश नामक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में तेज बुखार के चलते मौत हो गई है। राजेश आईआरबी का जवान था और सुनारियां में तैनात था।
राजेश के पिता दया सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले ही राजेश को बुखार आया था। इसके चलते ही उसने छुट्टी ली थी। दो दिन घर पर तेज बुखार के बाद शनिवार शाम छह बजे राजेश को पीजीआई रोहतक ले जाया गया।
यहां चिकित्सकों ने बताया कि राजेश के खून में प्लेट्लेट्स कम हैं। इसके चलते दिल्ली से प्लेटलेट्स मंगवाने का इंतजाम किया, लेकिन रात करीब 11 बजे राजेश ने दम तोड़ दिया। राजेश के पिता दया सिंह ने बताया कि राजेश अपने पीछे एक लड़का व एक लड़की छोड़ गया। परिजनों ने बताया कि राजेश डेंगू बुखार की चपेट में आया था।
स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं सूचना
राजेश के परिजन भले ही उसकी मौत डेंगू से बता रहे हैं, लेकिन सामान्य अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. आरएस तंवर के अनुसार उनकी जानकारी में यह मामला नहीं है। यदि डेंगू का मामला होता तो पीजीआई उन्हें जरूरत सूचित करता।
पहले भी हो चुकी है संदिग्ध मौत
करीब 20 दिन पहले भी शिव कॉलोनी निवासी एक महिला की मौत संदिग्ध डेंगू से हो चुकी है। इस मामले में भी परिजनों ने डेंगू होने की बात कही थी, लेकन स्वास्थ्य विभाग ने महिला की मौत हार्ट अटैक से बताई थी।
चेतावनी के बाद भी स्कूल की टंकी नहीं की साफ
जुलाना। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को करसोला में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और घर-घर जाकर पानी की टंकियों की जांच की और साफ-सफाई की। राजकीय प्राथमिक स्कूल करसोला में छात्रों को पीने के लिए बनी टंकी में कचरा मिला। टीम ने एक सप्ताह पहले भी स्कूल में बनी पानी की टंकी का निरीक्षण किया था और टंकी का पानी खराब मिला था।
स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर राजबीर सिंह के नेतृत्व में डॉ. रोहताश मलिक, विनोद कुमार, ओमपति, निर्मला व आशा वर्कर करसोला गांव में पहुंचे। टीम ने बुखार पीड़ितों की खून की जांच की। टीम ने राजकीय प्राथमिक स्कूल करसोला में टंकी की जांच की। जिसमें काफी कचरा मिला। डॉ. रोहताश ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी टंकी का पानी टीम ने खराब मिला था। अध्यापकों को टंकी की साफ-सफाई करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद टंकी की सफाई नहीं की गई।
दो व्हीकल माउंटिंग फॉगिंग मशीनें खरीदेगा विभाग
डेंगू की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन दो व्हीकल माउंटिग फॉगिंग मशीनें तथा कई हस्त चालित मशीनों की खरीद करेगा। हस्त चालित मशीनों की तुरंत खरीदारी को लेकर डीसी अजीत बालाजी जोशी ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।
इसी कड़ी में पिंडारा गांव से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा जाखड़ ने ग्रामीण क्षेत्र के लिए फॉगिंग टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान टीमें गांवों की गली-मोहल्लों में फॉगिंग करेंगी।
डीसी अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि डेंगू की रोकथाम को लेकर जिले में फॉगिंग तथा डोर टू डोर सर्वे करवाया जा रहा है। इस अभियान को जल्द पूरा करने को लेकर दो बड़ी फॉगिंग मशीनें तथा कई छोटी मशीनों को शामिल करवाया जाएगा।
डीसी ने बताया कि मोटर चालित फॉगिंग मशीनों को खरीदने के लिए 10 से 12 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वहीं एक छोटी मशीन की कीमत 80 से 90 हजार रुपये होगी। इस अवसर पर डॉ. आरएस तंवर भी मौजूद थे।