बीएसएनएल के एक फर्जी जीएम ने कर्मचारियों का मेडिकल करवाने का झांसा देकर शहर के एक नामी डॉक्टर को सात लाख का चूना लगा दिया। कमीशन के तौर पर नकदी एडवांस में लेकर डॉक्टर को 17 लाख 28 हजार 300 रुपये का फर्जी चेक पकड़ा दिया गया। इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब डॉक्टर ने चेक बैंक में लगाया।
पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। शहर में जब डॉक्टर को सात लाख का चूना लगाया जा रहा था, दूसरी तरफ उसी समय गिरोह का दूसरा सदस्य शहर के दूसरे नामी डॉक्टर से कमीशन की दस लाख रुपये की राशि लेने पहुंचा था। डॉक्टर की सूझबूझ से गिरोह का वह सदस्य काबू कर लिया गया। उससे पास से भी 17 लाख 28 हजार 300 रुपये का चेक बरामद किया गया।
शहर के सफीदों गेट के पास स्थित नाथ नर्सिंग होम के डॉ. सुरेश जैन ने बताया कि मई माह में उसके पास रमेश प्रजापति नामक व्यक्ति का फोन आया। बीएसएनएल का जीएम बताकर उसने कहा कि रोहतक-जींद का चार्ज उसके पास है। उसके नीचे 823 कर्मचारी काम करते हैं। बीएसएनएल इन सभी कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप करवाना चाहती है।
कंपनी प्रत्येक कर्मचारी के मेडिकल चेकअप पर 2100 रुपये की राशि खर्च करेगी। इन कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप का कार्य आपके अस्पताल को दिया जाएगा। इसके लिए आपको सात लाख रुपये की राशि देने होगी। बदले में 17 लाख 28 हजार 300 रुपये का एडवांस भेज दिया जाएगा। डॉक्टर सुरेश जैन गिरोह के झांसे में आ गया। इसके बाद कोरियर के माध्यम से गिरोह ने डॉक्टर के पास बीएसएनएल की स्कीम बताकर पूरा ब्यौरा उनके पास भेज दिया।
इस दौरान बीएसएनएल के फर्जी जीएम रमेश प्रजापति का 30 मई को दोबारा फोन आया कि उसका आदमी आपके पास आ रहा है। उसे सात लाख रुपये की राशि किसी डिब्बे में दे देना। बदले में आपको 17 लाख 28 हजार 300 रुपये का चेक मिलेगा। डॉक्टर सुरेश जैन ने बताया कि दोपहर बाद एक युवक आया और चेक देकर बदले में सात लाख रुपये की नकद राशि ले गया।
डॉक्टर के अनुसार काफी दिनों के बाद उनका इस ठगी का पता चला। जब 17 लाख 28 हजार 300 रुपये चेक की जांच करवाई तो चेक फर्जी मिला। शहर थाना पुलिस ने डॉ. सुरेश जैन की शिकायत पर बीएसएनएल के तथाकथित जीएम रमेश प्रजापति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
डॉ. डीपी जैन से मांगे थे दस लाख रुपये
नाथ नर्सिंग होम के संचालक डॉ. सुरेश जैन से सात लाख ठगने वाले दिन ही रोहतक रोड स्थित बालाजी अस्पताल के डॉ. डीपी जैन से भी गिरोह के सदस्यों ने दस लाख रुपये हड़पने का प्रयास किया था। गिरोह के सदस्यों ने डॉ. डीपी जैन को भी बीएसएनएल का जीएम एसएन त्रिपाठी बताकर कर्मचारियों को हेल्थ चेकअप करवाने की बात कही थी। इसके बदले में दस लाख रुपये की राशि की डिमांड की थी।
डॉ. डीपी जैन को गिरोह की गतिविधियों पर शक हो गया तो इसकी सूचना पुलिस को दे दी थी। जब तीस मई को गिरोह का सदस्य डॉ. डीपी जैन के पास पहुंचा तो पुलिस ने छापा मारकर उसको पकड़ लिया। उसके कब्जे से 17 लाख 28 हजार 300 रुपये का चेक भी बरामद किया था। पुलिस द्वारा पकड़े व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के नितिन के रूप हुई थी। डॉ. डीपी जैन के पास पकड़े गिरोह के सदस्य से करीब आधा घंटे पहले ही गिरोह का दूसरा सदस्य डॉ. सुरेश जैन से सात लाख रुपये लेकर फरार हो चुका था। वारदात के चार माह के बाद डॉ. सुरेश जैन का यह मामला सामने आया है।
गिरोह बना रहा डाक्टरों को अपना निशाना
बीएसएनएल के तथाकथित जीएम बनकर गिरोह डॉक्टरों को ही अपना निशाना बना रहा है। गिरोह के सदस्यों ने तीस मई को ही शहर के प्रतिष्ठित दो डॉक्टरों को अपने झांसे में लिया था, लेकिन डॉ. डीपी जैन को गिरोह पर शक हो गया था। उसने इसकी सूचना शहर थाना पुलिस को दी थी। नाथ नर्सिंग होम के चिकित्सक डॉ. सुरेश जैन गिरोह की चालाकी को नहीं समझ पाया और उनके झांसे में आकर सात लाख रुपये गंवा बैठे।
बीएसएनएल के कर्मचारियों को हेल्थ चेकअप करवाने का झांसा देकर डॉ. सुरेश जैन से सात लाख रुपये ठगे हैं। तीस मई को डॉ. डीपी जैन से भी दस लाख हड़पने का प्रयास किया गया था, लेकिन उसमें सफल नहीं हो पाए थे। इससे आधा घंटे पहले ही एक व्यक्ति डॉ. सुरेश जैन से सात लाख रुपये लेकर फरार हो चुका था। - महेंद्र सिंह, एएसआई, जांच अधिकारी
जांच हुई तो करेंगे सहयोग
मुझे मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन यदि जांच में पुलिस को हमारी जरूरत होगी तो इसमें पूरा सहयोग किया जाएगा।
- एसपी त्रिपाठी, जीएम बीएसएनएल, जींद
प्लॉट का सौदा करने का झांसा दे एक करोड़ 44 लाख हड़पे
शहर की इंद्रा कॉलोनी में प्लॉट का सौदा कर एक व्यक्ति से एक करोड़ 44 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी तथा अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।
नरवाना रोड अपोलो चौक निवासी सुरेंद्र ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी कि गत चार मई को उसने दयाल बाग कॉलोनी निवासी सुरेश के माध्यम से दयाल बाग कॉलोनी निवासी नरेश गर्ग तथा उसकी पत्नी सुनीता से प्लॉट पर सौदा हुआ। उसने नरेश गर्ग से इंद्रा कॉलोनी में एक प्लॉट का सौदा एक करोड़ 44 लाख रुपये में किया।
चार मई से 14 मई के बीच में उसने प्लॉट की राशि उन्हें दे दी और रजिस्टरी करवाने का समय निर्धारित कर दिया। लेकिन निर्धारित समयअवधि में प्लॉट उसके नाम नहीं करवाया। जांच में पता चला कि उसके साथ सौदा किए गए प्लॉट को वे दूसरी पार्टी को बेच रहे हैं। दबाव देने पर हर बार किसी न किसी का बहाना बनाकर उसे टालते रहे। आरोपियों ने न तो उसके नाम प्लॉट करवाया और न ही राशि वापस लौटाई।
शहर थाना पुलिस ने सुरेंद्र की शिकायत पर दयाल बाग कॉलोनी निवासी नरेश गर्ग, उसकी पत्नी सुनीता तथा सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज किया है।