दुराचार का आरोप लगने के एक दिन बाद ही सोमवार को गांव खेड़ाखेमावती निवासी पूर्व पंच ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। उसके परिवार वालों ने रेप का आरोप लगाने वाली महिला और एक जिला परिषद सदस्य समेत दस लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कराया है। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सफीदों-असंध मार्ग पर जाम भी लगाया, जिसे डीएसपी सफीदों हरेंद्र कुमार ने आश्वासन देकर खुलवा दिया।
पुलिस के अनुसार गांव खेड़ा खेमावती निवासी पूर्व पंच सुरेंद्र उर्फ सलेंद्र पर एक महिला ने मकान का लोन तथा स्वीपर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुराचार करने का आरोप लगाया था। महिला के अनुसार रेप के दौरान सुरेंद्र उर्फ सलेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसका वीडियो बनाकर उसे व्हाट्स एप पर पर वायरल कर दिया। पुलिस ने रविवार को सुरेंद्र के खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज किया था। रविवार रात को ही सुरेंद्र ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। परिजनों ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया जहां पर उसकी मौत हो गई।
वहीं सुरेंद्र के भाई सुशील का कहना है कि रेप का आरोप लगाने वाली महिला और गांव के ही कुछ लोगों ने एक साजिश के तहत सुरेंद्र को मोहरा बनाया है। मृतक के भाई का आरोप है कि महिला ने पहले तो सुरेंद्र से एक लाख रुपये की मांग की, क्योंकि उसका भाई वीडियो में दिख रहा था, हालांकि वह उसमें महिला को बचाता हुआ ही दिखाई दे रहा है। उसके भाई ने पैसे देने से मना किया तो उसके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करवा दी। एफआईआर दर्ज करवाने के बाद सभी आरोपी रविवार देर शाम फिर से सुरेंद्र के घर आए और उससे 20 लाख रुपये की मांग करने लगे।
उसके भाई ने फोन करके यह बात उसको बताई। मामला निपटाने के लिए उन्होंने इधर-उधर से दस लाख रुपये इकट्ठे भी किए लेकिन बाद में महिला के साथ रहने वाले व्यक्ति ने उसके भाई सुरेंद्र को कहा कि मकान खाली कर दे या फिर आत्महत्या कर ले। उन लोगों के जाने के कुछ देर बाद उसका भाई खेतों में गया और वहीं उसने कोई जहरीली चीज खा ली।
पुलिस ने सुशील की शिकायत पर गांव निवासी जिला परिषद सदस्य रीना रानी, रेप का आरोप लगाने वाली महिला, गजे सिंह, सुमेर, डॉ. बलजीत, नरेश कुमार सहित चार-पांच अन्य युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है।
गांव में हुई पंचायत
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में रविवार रात को ही कुछ लोगों ने पंचायत कर मामले को निपटाने की पहल की, लेकिन मृतक के परिजन मामले की सच्चाई सामने लाने की बात कह रहे थे। इन लोगों का मानना है कि सुरेंद्र को गलत तरीके से मामले में फंसाया जा रहा है। ऐसे में वीडियो सामने आने के बाद सुरेंद्र ने आत्महत्या कर ली।
परिजनों ने किया रोड जाम
मृतक के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद गांव में जाते ही आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए असंध-सफीदों रोड जाम कर दिया। जाम लगाने का शक सफीदों पुलिस को पहले ही हो चुका था जिसके चलते सफीदों पुलिस ने गांव में पहले ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। जाम की सूचना पाकर डीएसपी वीरेंद्र सिंह, एसडीएम बलराज सिंह जाखड़, तहसीलदार रोशन लाल, डीएसपी हरेंद्र कुमार व एसएचओ नरसिंह अपनी-अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच ओर परिजनों को मामले में तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन देकर आधे घंटे में ही जाम को खुलवाया। जिसके बाद ग्रामीण व परिजन ने मृतक सुरेंद्र के शव का अंतिम संस्कार किया।
महिला का वीडियो आया सामने
मृतक सुरेंद्र के भाई सुशील ने कहा कि महिला ने जिस वीडियो के आधार पर रेप का आरोप लगाया उसमें उसका भाई महिला को बचाते हुए साफ दिख रहा है। सुशील ने कहा कि सुरेंद्र तो गांव की महिला को भूसलाना से लेकर आ रहा था। तभी अंटा नहर के समीप कुछ शरारती युवकों ने उसकी बाइक रुकवा ली और उनकी वीडियो बनानी शुरू कर दी।
जिसके बाद उन युवकों ने उन्हें ब्लैकमेल करने की धमकी देकर महिला के साथ सड़क किनारे झाड़ियों में रेप किया। वीडियो में उसका भाई महिला का बचाव करता दिखाई दे रहा है जबकि अन्य युवक उसके भाई व महिला के साथ जबरदस्ती कर रहे हैं।
डीएसपी हरेंद्र कुमार ने बताया कि दो महिला सहित दस लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।