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Jind: नकली देसी घी बनाने की फैक्टरी का भंडाभोड़, एक हजार लीटर से अधिक बरामद, ऐसे बनाते थे घी

Sat, 29 Apr 2023 12:38 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

सीएम फ्लाइंग व जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी की टीम ने मारा छापा मारकर कार्रवाई की है। दस से ज्यादा प्रतिष्ठित कंपनियों के खाली रेपर मिले, एक हजार लीटर से अधिक नकली घी बरामद किया गया है। नहर के पास स्थित कॉलोनी निवासी आनंद चार महीने पहले किराये का गोदाम लेकर काम कर रहा था। 
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मौके पर कार्रवाई करती सीएम फ्लाइंग व खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के जींद में सीएम फ्लाइंग व जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी की टीम ने सब्जी मंडी में स्थित एक गोदाम में चल रही नकली देसी घी बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। टीम को यहां से दस से ज्यादा नामी कंपनियों को खाली रेपर, वनस्पती व रिफाइंड से भरे टिन, घी बनाने की भट्ठी बरामद की है।

 

टीम ने यहां से दस सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। यहां से एक हजार लीटर के आसपास नकली घी बरामद किया है। टीम ने गोदाम को सील कर दिया। गोदाम संचालक टीम को आते देख मौके से भाग गया। पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।

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देसी घी बनाने वाली कई कंपनियों को संयुक्त जांच अधिकारी जितेंद्र को सूचना मिली कि जींद की सब्जी मंडी में बड़े पैमाने पर नकली देसी घी बनाने का काम किया जा रहा है। जितेंद्र ने इसकी सूचना सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर राजदीप को दी।


सीएम फ्लाइंग की टीम ने जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डॉ. जोगेंद्र के साथ एक टीम का गठन करके दोपहर बाद चार बजे सब्जी मंडी में स्थित इस गोदाम पर दबिश दी। टीम जब गोदाम पर पहुंची तो गोदाम संचालक मौके से फरार हो गया। सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह भी टीम के साथ मौके पर पहुंची।

 

जांच में टीम को यहां से दस से ज्यादा कंपनियों के खाली रेपर बरामद किए, जिनमें नकली घी बनाकर पैक किया जा रहा है। इसके अलावा भारी मात्रा में वनस्पति व रिफाइंड से भरे टिन भी बरामद किए। यहां पर लगभग एक हजार लीटर नकली देसी घी भी बरामद हुआ। जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डॉ. जोगेंद्र सिंह ने सैंपल लिए।

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रिफाइंड व वनस्पति को गर्म कर बनाया जा रहा था घी

यहां पर गैस सिलिंडरों के माध्यम से टिन को भट्ठी पर रखकर गर्म किया जा रहा था। इन टिनों में रिफाइंड तथा वनस्पति घी को डालकर गर्म किया जाता था। इसके बाद इसमें एसेंस (सुगंधित द्रव्य) डालकर देसी घी की खुशबू दी जाती थी। इसके बाद इस घी को ठंडा करके मशीन द्वारा ही पैक किया जा रहा था। यहां पर एक लीटर, दो लीटर व पांच लीटर के पैकेट बनाए जा रहे थे। इसके बाद इनको असली कंपनियों के रेपर में डालकर बाजार में बेचा जाता था।
 

इन कंपनियों का मिला नकली घी व रेपर

गोदाम में चोरों तरफ देसी घी की कंपनियों के रेपर पड़े थे। इनमें नेशले का 240 लीटर, मॉडर्न का 60 लीटर, अमूल का 30 लीटर, मदर डेयरी का 90 लीटर, मधुसूदन का 30 लीटर, आशीर्वाद का 45 किलोग्राम, नोवा का 60 लीटर, पतंजलि का 180 लीटर, मिल्क फूड का 180 लीटर तथा पारस का 45 किलोग्राम घी बरामद किया गया है।

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चार महीने पहले दिया था किराए पर गोदाम
गोदाम मालिक अशोक ने बताया कि उन्होंने चार महीने पहले आनंद को यह गोदाम दस हजार रुपये प्रति महीना किराए पर दिया था। उसकी सब्जी मंडी के बाहर किराना की दुकानें भी हैं। उसने कहा था कि वह यहां पर कुरकुरे व अन्य आइटम स्टोर करेगा। अशोक ने बताया कि उन्होंने इसकी जरा भी भनक नहीं लगी कि आनंद यहां पर नकली घी बनाने की फैक्टरी खोल लेगा।

सूचना के आधार पर नकली देसी घी बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारा गया है। यहां से दस नामी कंपनियों के खाली रेपर बरामद किए हैं तथा लगभग एक हजार लीटर नकली देसी घी बरामद किया गया है। इसके अलावा घी बनाने का काफी सामान भी बरामद किया गया है। यहां से दस सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। फैक्टरी को सील किया गया है। -डॉ. जोगेंद्र सिंह, जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी।

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