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Haryana: सुरक्षा पर सवालिया निशान, जींद में आरटीए की गाड़ी को ही ट्रैक करते रहे वाहन चालक

Sun, 31 Jul 2022 12:26 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

जिस मार्ग पर जांच करने जाते वहां कोई भी वाहन नहीं मिलता। आरटीए के सह-सचिव ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाना में दी। पुलिस ने सह-सचिव संजीव कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया है।
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विस्तार
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हरियाणा जींद में जिला परिवहन विभाग (आरटीए) की टीम जिस वाहन में सड़क पर दौड़ने वाले वाहनों की चेकिंग करने जाती थी, उसी वाहन पर लोगों ने जीपीएस लगा रखा था। जब भी आरटीए की टीम वाहनों की जांच करने जाती थी, उस सड़क पर उसे कोई वाहन नहीं मिलता था। तीन-चार दिन ऐसा ही चलता रहा तो टीम को शक हुआ। इसके बाद टीम ने अपने वाहन की जांच की तो उसमें जीपीएस लगा मिला। आरटीए के सह-सचिव ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाना में दी। पुलिस ने  मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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आरटीए के सहसचिव संजीव कुमार ने बताया कि 13 जुलाई को उनकी टीम चेकिंग करने गई हुई थी। उनकी टीम में एएसआई अवतार सिंह, सिपाही मनोज, वीरेंद्र और ड्राइवर रामकेश थे। उनकी टीम जींद-हांसी, नरवाना-उचाना, नगूरां-सफीदों समेत अन्य मार्गों पर चेकिंग कर रहे थे, लेकिन प्रत्येक मार्ग पर उन्हें चेकिंग लीक होने का शक हुआ। उसके बाद दोनों चालकों ने उनकी गाड़ी की चेकिंग की तो उनको गाड़ी में एयरटेल कंपनी का जीपीएस सिस्टम मिला। उसी से उनकी गाड़ी की लोकेशन का पता चल रहा था। 

कई दिनों से लीक हो रही थी लोकेशन
शिकायतकर्ता आरटीए सह सचिव संजीव कुमार के अनुसार उनकी गाड़ी की लोकेशन कई दिनों लीक हो रही थी। उन्हें अंदेशा भी हो गया था, लेकिन उनका इसकी तरफ कोई ध्यान ही नहीं था कि कोई उनकी गाड़ी में ही जीपीएस सिस्टम लगा देगा। 13 जुलाई को जब उन्हें गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगे होने का पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत तुरंत एसपी कार्यालय दे दी थी। 
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कर्मचारी की मिलीभगत के बिना नहीं लग सकता जीपीएस
इस प्रकार आरटीए की गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगाना अपने आप में सुरक्षा की दृष्टि से बड़ा सवालिया निशान है। यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों की मिलीभगत विभाग के किसी कर्मचारी से होने से मना नहीं किया जा सकता क्योंकि इनकी मिलीभगत के बिना यह काम नहीं हो सकता लेकिन आरटीए ने ऐसी मिलीभगत से इंकार किया है। 

आरटीए कार्यालय के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जहां गाड़ी खड़ी होती है। इसके अलावा कर्मचारियों से पूछताछ कर रिकार्ड एकत्रित किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने आरटीएम टीम की गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगाने पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। -डॉ. सुनील, प्रभारी, सिविल लाइन थाना जींद।
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