रोहतक रोड पर नया जीवन नशा मुक्ति केंद्र के दो कर्मचारियों की हत्या नशा छुड़वाने के लिए भर्ती तीन युवकों ने टॉर्चर से तंग आकर की थी। पुलिस ने हत्या करने के दो आरोपियों को हिसार से गिरफ्तार करके बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपियों को एक दिन के पुलिस इसराना पानीपत निवासी प्रदीप, गांव कालवा निवासी आनंद को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं, इस मामले में महाबीर कॉलोनी हिसार निवासी अमनदीप फरार है।
रोहतक बाईपास रोड स्थित नया जीवन नशा मुक्ति केंद्र के काउंसलर शिव कॉलोनी जींद निवासी प्रवेश तथा गांव खेमाखेड़ी निवासी अमित की 20 नवंबर की अलसुबह रॉड से वार कर हत्या कर दी थी, जबकि केंद्र के तीसरे कर्मचारी महाराष्ट्र निवासी संजय को बाथरूम में बंद कर दिया और खिड़की तोड़कर तीनों आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने मृतक प्रवेश के भाई प्रवीन की शिकायत पर गांव इसराना पानीपत निवासी प्रदीप, गांव कालवा निवासी आनंद और महाबीर कॉलोनी हिसार निवासी अमनदीप व एक अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने सूचना के आधार पर हिसार में छापेमारी की और आरोपी प्रदीप तथा आनंद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी अमनदीप फरार हो गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नशामुक्ति केंद्र के कर्मचारी प्रवेश तथा अमित उन्हें टॉर्चर करते थे। उनकी प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से दोनों की हत्या कर दी।
15 माह हो गए थे सूर्य को देखे हुए
आरोपी इसराना निवासी प्रदीप ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया वह शराब, चरस, स्मैक तथा चूरा पोस्त का नशा करता था। 15 माह पहले परिजनों ने उसे जींद के नया जीवन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। उसके बाद से उन्हें बंद कमरों में रखा गया। भर्ती के बाद से उसे नशामुक्ति केंद्र से बाहर नहीं निकाला।
उसकी नशे की तलब भी खत्म हो गई थी। यहां तक कि उसने बीड़ी पीना भी छोड़ दिया था। उसके बावजूद उसे बाहर नहीं निकाला जा रहा था। नशामुक्ति में पहलवानों को तैनात किया हुआ था जो रोजाना किसी न किसी बात को लेकर वहां भर्ती लोगों के साथ मारपीट करते थे। कर्मचारी उन्हें तीन दिन व रात खड़ा ही रखते थे।
इस दौरान अगर सोने का प्रयास करता तो रॉड से पिटाई की जाती। रोने पर भी बेरहमी से पिटाई करते थे। खाना भी खड़ा होकर खाते थे। कई बार तो नुकीली वस्तु पर बैठा दिया जाता, अगर उठने का प्रयास करते तो बेरहमी से पिटाई करते थे। प्रताड़ना की हद पार होते देख उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
जिम की रॉड से दिया वारदात को अंजाम
आरोपियों ने खुलासा किया कि 20 नवंबर को प्रदीप, आनंद तथा उसका तीसरा साथी अमनदीप अल सुबह ही उठ लिए। इस दौरान उनके पास सो रहे काउंसलर प्रवेश से बाहर जाने की गुहार लगाई, लेकिन उसने जाने से मना कर दिया। प्रदीप तथा आनंद ने उसे ऊपर ही दबोच लिया और वह नशामुक्ति के कर्मचारियों का जिम के रखे सामान से रॉड निकाल लिया। उसने रॉड से प्रवीन के सिर पर वार कर दिया। इसमें इसकी मौत हो गई।
प्रवीन की हत्या करके जब वे नीचे आ रहे थे तो नशामुक्ति का दूसरा कर्मचारी अमित आ गया। अमित ने आरोपी प्रदीप को पकड़ने का प्रयास किया और दोनों आपस में उलझ गए। इसी दौरान आनंद ने पीछे से आकर उसके सिर पर रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी।
तीसरे कर्मचारी महाराष्ट्र निवासी संजय ने भी पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन बुजुर्ग होने के कारण उसे छोड़ दिया और बाथरूम में बंद कर दिया। इसके बाद तीनों ने रॉड से खिड़की तोड़ दी। कमलदीप व आनंद ने प्रदीप के पांव पकड़कर खिड़की से नीचे उतार दिया। इसके बाद तीनों उसी खिड़की से निकलकर फरार हो गए।
पैदल ही गए जैजैवंती तक
आरोपियों ने खुलासा किया कि हत्या करने के बाद वह रेलवे लाइन पर चले गए। जहां पर रेलवे लाइन के साथ-साथ होते हुए जैजैवंती तक पैदल ही चले गए। बाद में किसी वाहन में सवार होकर रोहतक पहुंच गए। रोहतक के बाद कई जगह से होते हुए वे हिसार पहुंच गए, जहां से पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी आनंद ने पिता के हत्या के आरोप
पुलिस के अनुसार पकड़ा गया आरोपी कालवा निवासी आनंद परिवार की इकलौती संतान है। नशे की लत के चलते लगभग अढ़ाई माह पहले ही नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। आनंद ने नशे के चलते ही लगभग अढ़ाई साल पहले अपने पिता पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
परिवार के सदस्यों ने इकलौती संतान होने के कारण उस पर मामला दर्ज नहीं करवाया। हत्या के बाद आरोपी घर से लापता हो गया था। परिजन उसे राजस्थान के किसी स्थान से ले आए और उसे उपचार के लिए नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को बंद मिला केंद्र
नशामुक्ति केंद्र में दोहरे हत्याकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को नया जीवन नशामुक्ति केंद्र पर पहुंची थी। जहां पर जब टीम गई तो वहां पर केंद्र बंद मिला।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम ने बताया कि नशामुक्ति केंद्र चलाने के लिए नियम होते हैं। इसमें एक मनोचिकित्सक, साइक्रेसिस्ट, चार स्टाफ नर्स तथा सुरक्षा गार्ड होना जरूरी है। टीम वहां पर गई थी, लेकिन बंद मिला। इसकी जांच की जाएगी कि केंद्र सभी नियमों को पूरा करता था या नहीं।
जांच की जा रही
एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि नशामुक्ति केंद्र में भर्ती लोगों को प्रताड़ित करने की जांच की जा रही है। अगर केंद्र के कर्मचारी आरोपियों को प्रताड़ित कर रहे थे तो वे अपने परिजनों को इसके बारे में अवगत करा सकते थे। फिलहाल यह जांच का विषय है।
जांच अधिकारी एएसआई ओमप्रकाश ने बताया कि तीन युवकों ने टॉर्चर से तंग आकर दोहरे हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया था। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।