शहर के नरवाना रोड पर गत दिवस हथियारबंद बदमाशों द्वारा कार्यालय में घुसकर पोल्ट्री व्यापारी के साथ की गई लूटी की घटना की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है।
गुत्थी को सुलझाने में पुलिस की पांच टीमें लगी हैं लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस की जांच की सुईं अभी भी व्यापारी के नजदीकियों पर ही अटकी हुई है। लूट की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने साइबर क्राइम टीम का सहारा लिया है।
साइबर क्राइम की टीम द्वारा घटना के वक्त उसके नजदीकियों की किस-किस से बात हुई है तथा जिनके साथ उनकी बात हुई है उनके नंबरों की क्या लोकेशन थी, इस बात का पता लगाया जा रहा है। साइबर क्राइम की रिपोर्ट के बाद ही पुलिस जांच आगे बढ़ा पाएगी।
साइबर क्राइम की टीम के अलावा डीएसपी सिटी की टीम, शहर थाना प्रभारी की टीम, सदर थाना प्रभारी की टीम तथा सीआईए पुलिस की दो टीमें इस मामले की गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई हैं। वहीं पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए चार युवकों के स्केच भी बनवाए हैं। पुलिस द्वारा बृहस्पतिवार को चारों आरोपियों के स्केच जारी किए जाएंगे।
यह था पूरा मामला
नई सब्जी मंडी निवासी सतप्रकाश उर्फ बिंटू और शीतलपुरी कॉलोनी निवासी देवेंद्र मोर पार्टनशिप में नरवाना रोड पर पोल्ट्री फार्मर से कमीशन पर मुर्गे खरीदकर दिल्ली में बेचते हैं। पोल्ट्री फार्मरों की एक सप्ताह में खरीदे गए मुर्गों की सतप्रकाश उर्फ बिंटू सोमवार को दिल्ली से पेमेंट लेकर घर ले गया था।
मंगलवार को फार्मरों को पेमेंट देने के लिए तीस लाख 10 हजार 500 रुपये नकद वह बैग में डालकर करीब साढ़े नौ बजे नरवाना रोड अपने कार्यालय में पहुंचा। जब वह कार्यालय में अकेला बैठा हुआ था तो इसी दौरान चार युवकों ने चाकू व पिस्तौल दिखाकर कैश छीन लिया और उसे केबिन में बंधक बना दिया। युवकों के जाने के बाद सतप्रकाश केबिन के शीशे को तोड़ कर बाहर निकला।