एक माह पहले विवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से गुस्साए लोगों ने बुधवार को जींद नरवाना सड़क मार्ग पर लघु सचिवालय के सामने जाम लगा दिया। इन लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क के बीच में लोग दरी बिछाकर बैठ गए। इस मौके पर काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थी।
सगुना के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आठ लोगों को नामजद तो कर दिया लेकिन, गिरफ्तारी नहीं कर रही। बुधवार को उन्हें गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते जाम लगाने को मजबूर होना पड़ा। करीब एक घंटा जाम लगा रहा। जाम की सूचना के बाद शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें उसी दिन से गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन अपने घरों को चले गए। मृतका के भाई राजकुमार ने कहा कि अगर आरोपियों को जल्द काबू नहीं किया गया तो फिर उन्हें सड़क पर आने को मजबूर होना पड़ेगा। एक घंटा जाम रहने से वाहनों की लंबी लाइनें लग गई, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई।
संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से हुई थी मौत
12 अगस्त को बाबा कुंडी निवासी सुगना उर्फ संतोष संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई थी जिसकी 29 अगस्त को उपचार के दौरान हिसार में मौत हो गई थी। मायका पक्ष ने ससुरालजनों पर जला कर मारने का आरोप लगाया था। इस मामले में शुरू से मृतका के परिजन पुलिस पर सही कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं।
आठ लोगों को किया था नामजद
शहर पुलिस ने सुगना के मरने के बाद 31 अगस्त को मृतका के भाई राजकुमार की शिकायत पर सुगना के पति सुभाष, देवर नरेश व रामचंद्र तथा दोनों की पत्नियां, ससुर, सास, ननद और ननदोई बलवंत सहित आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया था।