जिला महिला थाने की प्रभारी सहित चार पुलिस कर्मचारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर जहर निगलने वाली हेड कांस्टेबल शर्मिला चौथे दिन भी बेसुध रही। महिला का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। महिला हेड कांस्टेबल शर्मिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस पर समझौता करने का दबाव डाल रही है। इस दौरान हेड कांस्टेबल शर्मिला के खिलाफ कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है। इसलिए उनको स्थानीय पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है। महिला के पति जितेंद्र ने पूरे मामले की जिले से बाहर कि किसी सीनियर अधिकारी से जांच कराने की मांग की है, ताकि मामले की असलियत सामने आ सके। फिलहाल इस मामले की जांच डीएसपी दिनेश यादव कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस से उन्हें कभी भी न्याय नहीं मिल पाएगा।
महिला हेड कांस्टेबल को चौथे दिन भी होश नहीं आया पाया और उनकी हालात स्थिर बनी हुई है। एसएसपी अभिषेक जोरवाला का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।