उचाना कलां गांव में ग्रामीणों की बैठक रविवार को दाड़न खाप के प्रधान देवा सिंह श्योकंद की अध्यक्षता में हुई। ग्रामीणों ने एसएसपी अभिषेक जोरवाल से डेरे की जमीन पर बनाए गए फर्जी ट्रस्ट बनाने वाले लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहना था कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में उन्हें गुमराह कर रही है। क्योंकि जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है वो पूंजीपति हैं जो पैसे, सिफारिश के बूते पर पुलिस कार्यवाई नहीं होने दे रहे हैं।
पुलिस ने अगर दस दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की तो उचाना कलां गांव में खाप के 24 गांवों के लोगों की बैठक बुलाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन पर बाबा दुधाधारी हरिगिर गोशाला की संपत्ति पर कब्जा कराने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि यहां पर स्वामी गणेशानंद धर्मार्थ के नाम से जो ट्रस्ट बनाया गया है उसकी रिपोर्ट आ चुकी है। इस पर थाना पुलिस द्वारा आठ लोगों के खिलाफ 23 जुलाई 2013 को एफआईआर नंबर 223 के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद आज तक न तो आठ लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है न ही दर्ज मामले को लेकर ग्रामीणों को कोई जानकारी पुलिस प्रशासन दे रहा है।
हस्ताक्षर मिले फर्जी
ग्रामीणों ने बताया कि मधुबन लैब को पुलिस प्रशासन द्वारा हस्ताक्षर जांच के लिए भेजी गई जो रिपोर्ट मिली उसके अनुसार आधे से ज्यादा हस्ताक्षर फर्जी बताए गए हैं। इस आधार पर थाना पुलिस ने ट्रस्ट में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है। बीते दो साल से पुलिस ने ग्रामीणों को गुमराह करते हुए कहा कि ये फर्जी हस्ताक्षर किस व्यक्ति ने किए हैं इस मामले की पुलिस अब जांच करेंगी। ट्रस्ट बनाने वाले मास्टर माइंड रवि शंकर के हस्ताक्षर व लिखावट की रिपोर्ट आ चुकी है। इतना होने के बावजूद पुलिस इन लोगों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है।
इनके खिलाफ है एफआईआर दर्ज
थाना पुलिस में 23 जुलाई 2013 को प्रीतम गोयल जयपुर, मुराली लाल आसाम, श्याम सुंदर राशीवासिया पंजाबी बाग नई दिल्ली, नरेश कुमार अग्रवाल पंजाबी बाग नई दिल्ली, उमेश कुमार गोयल पेहवा, सुरेश कुमार गोयल पानीपत, रविशंकर उचाना, रामेश्वरानंद धनाना के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया हुआ है।