शहर के हांसी रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार रात को हथियारबंद बदमाशों ने बैटरी बनाने की फैक्टरी के मजदूरों को बंधक बनाकर 12 टन लैड का सिक्का चोरी कर लिया। इसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
लुटेरों ने नौ मजदूरों की पहले तो पिस्तौल के बल पर मारपीट की और उसके बाद उनके हाथ-पांव बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया। लुटेरे लैड के सिक्कों से लोड फैक्टरी की गाड़ी तथा फैक्टरी में रखे अन्य लैड के सिक्कों को अपनी गाड़ी में भरकर ले गए। लूटपाट की घटना के बाद मजदूरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस हरकत में नहीं आई और रात को केवल एक पुलिस कर्मचारी ही पहुंचा।
वह भी सुबह शिकायत देने की बात कहकर चला गया। सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने फैक्टरी संचालक की शिकायत पर लगभग दस अज्ञात लोगों के खिलाफ लूटपाट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्टरी को दयाल बाग कालोनी निवासी अनिल ने अपने चार पार्टनरों के साथ किराए पर लेकर पुरानी बैटरियों को रिफल करने के लिए फैक्टरी लगाई हुई है। मंगलवार रात को फैक्टरी के मजदूर आनंद, अदूनाथ सहित नौ मजदूर सो रहे थे।
इसी दौरान लगभग दस हथियारबंद लोग फैक्टरी के अंदर घुस गए। इस दौरान फैक्टरी में कार्यरत नौ मजदूरों को पिस्तौल के बल पर हाथ-पांव बांधकर एक कमरे में बंधक बना लिया। मजदूरों ने बताया कि लुटेरों ने सभी बंधकों पर चादर डाल दी, ताकि वे लुटेरों की कार्रवाई न देख पाएं।
इसके बाद लुटेरों ने फैक्टरी के अंदर लैड के सिक्कों से भरी गाड़ी को निकालकर ले गए और उसके बाद अपनी गाड़ी में फैक्टरी के अंदर से लगभग 12 टन लैड के सिक्कों तथा बैटरी के अन्य सामान को गाड़ी में भरकर ले गए। बाद में बदमाश फैक्टरी की गाड़ी को खाली कर फैक्टरी के बाहर खड़ा कर फरार हो गए। सूचना के बाद रात को एक कर्मचारी ही पहुंचा और सुबह कार्रवाई की बात कहकर चला गया।
उधर, पुलिस के ढीले रवैये के कारण विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा के पुत्र डॉ. कृष्णा मिढ़ा सुबह एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ रोष जताया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और डीएसपी हेडक्वार्टर कुलवंत बिश्नोई ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने फैक्टरी में मौजूद मजदूरों से घटना की पूरी जानकारी ली। पुलिस ने फैक्टरी मालिक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर लिया है।
सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को भट्ठी में जलाया
फैक्टरी संचालक अनिल ने बताया कि फैक्टरी में सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए है। लुटेरों ने सीसीटीवी कैमरों के साथ तोड़फोड़ की और सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग के लिए लगाए गए डीवीआर को फैक्टरी की भट्ठी में फेंक दिया। डीवीआर भट्ठी में जलने से पूरा रिकॉर्ड नष्ट हो गया।
लगभग तीन घंटे फैक्टरी में रहे लुटेरे
फैक्टरी के मजदूरों के अनुसार लगभग एक बजे मेन गेट के ताले को तोड़कर लगभग दस लुटेरे फैक्टरी के अंदर घुस गए। सभी के हाथों में देशी पिस्तौल थे। लुटेरों ने उनको कमरे में बंधक बनाने के बाद फैक्टरी के अंदर ही शराब पी और वहीं बैठकर खाना खाया।
सूचना पर केवल एक ही पुलिस कर्मी पहुंचा
फैक्टरी संचालक अनिल ने बताया कि फैक्टरी में लूट का पता चलते ही इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दे दी। सूचना देने के काफी देर के बाद केवल राइडर पर तैनात एक पुलिस कर्मी ही फैक्टरी में पहुंचा। उसने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सुबह दस बजे थाने में लिखित शिकायत देने की बात कहकर चला गया। अगर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती तो लुटेरों का सुराग लगाया जा सकता था।
एएसपी वसीम अकरम ने बताया कि फैक्टरी में बंधक बनाकर लगभग 15 लाख रुपये का लैड के सिक्के की लूट हुई है। घटना स्थल से एसएफएल व पुलिस की टीम ने साक्ष्य जुटाए। इस दौरान बदमाशों ने फैक्टरी के सीसीटीवी कैमरों को भी नष्ट कर दिया। शिकायत के आधार पर लूटपाट का मामला दर्ज कर लिया है। जल्द ही लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।