शहर के पटियाला चौक के निकट से सोमवार रात को चूरा पोस्त तस्करी का आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया। फरार हुआ आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर था।
हिरासत से फरार होने का पता चलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। आसपास के क्षेत्र में उसकी तलाश की, लेकिन सुराग नहीं लगा।
एसएसपी ने मामले के जांच के आदेश दे दिए। शहर थाना पुलिस ने आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार सदर थाना पुलिस ने चार दिन पहले चूरा पोस्त तस्करी के आरोप में मध्यप्रदेश के गांव आफली, जिला आगरमालवा निवासी सुजान सिंह को गिरफ्तार करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था।
सोमवार रात को पुलिस आरोपी सुजान सिंह को निशानदेही के लिए गाड़ी में बैठाकर लेकर गई थी। सोमवार रात को जब वापस सदर थाना वापस आ रहे थे तो पटियाला चौके के निकट आरोपी सुजान सिंह गाड़ी धीमी होते ही गाड़ी से कूदकर फरार हो गया। आरोपी के फरार होने का पता लगते ही पुलिस में हड़कंप मच गया और तुरंत ही इसके बारे में आला अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस रात को ही आरोपी को तलाश शुरू की, लेकिन उसका सुराग नहीं लग पाया।
बाद में डीएसपी हेडक्वार्टर कुलवंत बिश्रोई, डीएसपी सिटी दिनेश यादव ने सदर थाने में पहुंचकर मामले की जानकारी ली। शहर थाना पुलिस ने मामले के जांच अधिकारी ऋषिराज के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही बरतने का मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी का आया नाम
सदर थाना पुलिस ने 23 दिसंबर गांव बधाना निवासी सुरेश को 45 किलोग्राम चूरा पोस्त सहित काबू किया था। आरोपी सुरेश चूरा पोस्त को ट्रक में छुपाकर लेकर जा रहा था। बाद में पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसे चूरा पोस्त गांव आफली मध्यप्रदेश निवासी सुजान सिंह ने उपलब्ध कराया था।
जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सुजान सिंह को मध्य प्रदेश से ही गिरफ्तार करके सुजान सिंह और सुरेश को अदालत में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। रात को जब मामले के जांच अधिकारी ऋषिराज आरोपी सुजान सिंह से पूछताछ के लिए बाहर निकाला तो इस दौरान चकमा देकर वह फरार हो गया।
फिंगर प्रिंट भी नहीं लिए थे पुलिस ने
पुलिस के सूत्रों के अनुसार आरोपी पुलिस फिलहाल फिंगर प्रिंट तक नहीं लिए थे। ऐसे में पुलिस के पास फिलहाल आरोपी की पहचान के लिए फिंगर प्रिंट भी उपलब्ध नहीं है। सूत्रों के अनुसार आरोपी को जिस दिन अदालत में पेश किया गया, उस दिन सरकारी छुट्टी थी।
ऐसे में पुलिस ने आरोपी के फिंगर प्रिंट से लेकर फोटो तक भी नहीं लिए। अगली पेशी के दौरान 30 दिसंबर को यह सब करना था, लेकिन इससे पहले ही आरोपी पुलिस गिरफ्त से फरार हो गया।
मामले की कहानी बनाने में जुटी रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी सुजान सिंह सदर थाना पुलिस से फरार हुआ। थाने से आरोपी फरार होने पर पुलिस की किरकरी होने से बचने के लिए पुलिस पूरे दिन मामले की कहानी बनाने में लगी रही।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी सुजान सिंह को थाने के लाकअप से देर रात को बाहर निकाला था, लेकिन इस दौरान मामले के जांच अधिकारी एएसआई ऋषिराज ने उस पर ध्यान नहीं रखा।
इस दौरान मौका पाकर वह थाने से निकलकर फरार होने में कामयाब हो गया। लेकिन बाद में पुलिस ने इस मामले को पूरा घुमा दिया और आरोपी को पटियाला चौक के पास से फरार होने की बात कही।
वहीं सुबह जिस समय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, तब सदर थाना पुलिस ने माना है कि आरोपी सुजान सिंह पुलिस लाकअप से लापता हुआ है।
वहीं आईजी अनिल राव ने भी इसे नकारा है। आईजी अनिल राव के अनुसार जिस समय आरोपी फरार हुआ, वह थाने से बाहर था। वह कैसे फरार हुआ है, यह जांच के बाद साफ होगा।
अब दो थानों में पहुंचा मामला
चूरा पोस्त के साथ गिरफ्तारी का मामला बेशक सदर पुलिस के पास था, लेकिन अब यह केस शहर थाना के पास भी आ गया है। दरअसल पटियाला चौक क्षेत्र शहर पुलिस थाना के अंतर्गत आता है और सदर पुलिस थाना के अनुसार यहीं से आरोपी फरार हुआ है। ऐसे मेें अब इस मामले में शहर थाना पुलिस भी कार्रवाई करेगी।
पुलिस ने नहीं बन रहा जवाब
मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस को इसका जवाब देते नहीं बन रहा। मामले की कवरेज करने सदर थाना पहुंचे मीडिया कर्मियों को भी कवरेज से रोकने का प्रयास पुलिस द्वारा किया गया। मौके पर दो-दो डीएसपी और सदर थाना प्रभारी रहे, लेकिन कोई भी मामले की जानकारी देने की स्थिति में नहीं था।
डीएसपी दिनेश यादव ने बताया कि आरोपी सुजान सिंह पुलिस हिरासत से फरार हुआ है। इसके लिए शहर थाने में मामले के जांच अधिकारी तथा फरार हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिस भी पुलिस कर्मी की लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सुलगते सवाल
चूरा पोस्त की तस्करी के आरोप में पकड़े गए सुजान सिंह के फरार होने से कई सवाल पुलिस का पीछा कर रहे हैं। बेशक पुलिस के अधिकारी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कह रहे हैं, लेकिन पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
पुलिस की औपचारिक कहानी में कहा गया है कि आरोपी को चूरा पोस्त बरामदगी के लिए उसे उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था, लेकिन उसे रास्ते से ही वापस ले आया गया।
पुलिस यह भी नहीं बता पा रही है कि उस समय आरोपी के साथ कितने पुलिसकर्मी थे। पटियाला चौक पर जब आरोपी फरार हुआ, क्या परिस्थितियां बनी।
पुलिस ने क्या प्रयास उसे पकड़ने के लिए किया। अब पुलिस के अधिकारियों और पुलिस की सुरक्षा पर भरोसा करने वाले लोगों को इन सवालों के जवाब का इंतजार है।
सुजान सिंह चूरा पोस्त तस्करी का एक अहम सूत्र था। इस प्रकार के सूत्रों तक पहुंचना बहुत मुश्किल होता है। पुलिस इस मामले को बहुत ही गंभीरता से ले रही है। इसकी जांच के लिए एसएसपी जींद को आदेश दिए गए हैं। प्राथमिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। पूरे मामले में जिन लोगों की लापरवाही रही है या मिली भगत रही है, उनके खिलाफ केवल विभागीय नहीं, कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
अनिल राव, आईजी हिसार।