विजिलेंस की गिरफ्त में आरोपी इंस्पेक्टर अजीत।
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हरियाणा के जींद में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने नजूल लैंड सोसायटी केस को रफादफा करने व सोसायटी को भंग करने की एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते कोऑपरेटिव सोसायटी इंस्पेक्टर को रंगे हाथों काबू किया है। पुलिस ने कोऑपरेटिव सोसायटी इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
गांव दालमवाल निवासी धर्मबीर ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दी शिकायत में बताया कि उनका नजूल लैंड सोसायटी को लेकर केस चला हुआ है। इसकी जांच कोऑपरेटिव सोसायटी इंस्पेक्टर अजीत कर रहे हैं। सोसायटी को भंग करने व केस को रफादफा करने की एवज में इंस्पेक्टर अजीत 50 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायत के आधार पर टीम का गठन किया गया।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर मार्केट कमेटी के एक्सईएन धर्मपाल नैन को नियुक्त किया गया जबकि कार्रवाई को अंजाम देने के लिए डीएसपी कमलजीत को जिम्मा सौंपा गया। इसमें निरीक्षक मनीष, एसआई बलजीत व अनिल को शामिल किया गया। टीम ने शिकायतकर्ता को दो-दो हजार के 25 नोट ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित करा पाउडर लगा कर दे दिए।
इंस्पेक्टर अजीत ने शिकायतकर्ता को रिश्वत राशि लेकर लघु सचिवालय के बाहर एसबीआई के निकट चाय के खोखे पर बुलाया। योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने रिश्वत राशि को अजीत को सौंप दिया। इशारा मिलते ही छापा मारने के दल ने निरीक्षक अजीत को काबू कर लिया।
तलाशी लिए जाने पर उसके पास से मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित तथा पाउडर युक्त नोट बरामद हुए। हाथ धुलाए जाने पर उसके हाथों का रंग लाल हो गया। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने इंस्पेक्टर अजीत के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी कर्मजीत ने बताया कि सोसायटी को भंग करने व केस को रफा दफा करने की एवज में कोऑपरेटिव सोसायटी इंस्पेक्टर अजीत को रंगे हाथों काबू किया गया है। अजीत के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अजीत से पूछताछ कर रही है।