नरवाना रोड पर एक मुर्गे ढोने वाले कैंटर चालक ने लापरवाही से चलाते हुए ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इसमें ई-रिक्शा पलट गई और सुदेश और उसकी सास ई-रिक्शा में नीचे दब गई। इस दौरान ई-रिक्शा का दबाव सुदेश के पेट पर आ गया, जिससे उसे पेट में दर्द हुआ और उसे जींद के सिविल अस्पताल में लेकर आए।
जींद में एक कैंटर चालक ने एक ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इसमें चैकअप के बाद घर वापस लौट रही नौ माह की गर्भवती महिला और उसकी सास नीचे दब गई। ई-रिक्शा के दबाव के कारण गर्भवती महिला के पेट में 9 माह के बच्चे की मौत हो गई। चिकित्सकों ने ऑपरेशन के जरिए मृत बच्चे को बाहर निकाला और महिला को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। शहर थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार
पुलिस को दी शिकायत में कैथल जिले के जखौली गांव निवासी किताब सिंह ने बताया कि उसकी बेटी सुदेश की शादी साल 2017 में जींद की शिवपुरी कॉलोनी वासी सुनील के साथ हुई थी। बुधवार शाम को सुदेश 9 माह की गर्भवती थी और अपनी सास माया के साथ जींद के एक निजी अस्पताल में चैकअप के बाद ई-रिक्शा में बैठकर वापस घर जा रही थी।
नरवाना रोड पर एक मुर्गे ढोने वाले कैंटर चालक ने लापरवाही से चलाते हुए ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इसमें ई-रिक्शा पलट गई और सुदेश और उसकी सास ई-रिक्शा में नीचे दब गई। इस दौरान ई-रिक्शा का दबाव सुदेश के पेट पर आ गया, जिससे उसे पेट में दर्द हुआ और उसे जींद के सिविल अस्पताल में लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने बताया कि बच्चा पेट में मर चुका है और ऑपरेशन के जरिए मरे हुए बच्चे को बाहर निकाला गया।
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सुदेश को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। बच्चे को उसके दादा ने श्मसान घाट में दफना दिया। किताब सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा चालक का नाम अजय था लेकिन कैंटर चालक के बारे में उन्हें नहीं पता। शहर थाना पुलिस ने किताब सिंह की शिकायत पर अज्ञात कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।