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आठ वर्षीय बच्चे को नहर में फेंकने वाले चाचा को अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

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आठ वर्षीय बच्चे को जिंदा नहर में फेंकने वाले मौसेरे चाचा को उम्रकैद
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नरवाना की चमेला कॉलोनी में शादी में गए आठ वर्षीय बच्चे का अपहरण करने के बाद उसके मौसेर चाचा ने उस नहर में फेंक दिया था। शनिवार को अदालत ने मौसेरे चाचा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 55 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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गांव सुलचानी निवासी कपिल देव ने 17 फरवरी 2016 को नरवाना शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने परिवार के साथ मामा के पोते सोनू की शादी में शामिल होने के लिए नरवाना की चमेला कॉलोनी आया हुआ था। गांव सुलचानी निवासी उसकी मौसी के बेटे मनदीप ने उसके आठ वर्षीय बेटे आदित्य का अपहरण कर लिया। वह उसे मोटरसाइकिल पर बैठकर अपने साथ ले गया। पुलिस ने कपिल की शिकायत पर मनदीप के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मनदीप ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसने आदित्य का अपहरण करने के बाद गांव जाजनवाला के निकट जिंदा ही नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने पांच दिन बाद बच्चे का शव राजली हेड से बरामद किया था। हत्या का कारण मनदीप और कपिल का आपसी लेनदेन बताया गया था। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। शनिवार को अदालत ने इस मामले में मनदीप को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद और 55 हजार रुपये की सजा सुनाई।
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