अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। सदर थाना के अंतर्गत आने वाले धरोदी गांव में मायके में रह रही एक विवाहिता जिसने ससुराल जनों के दहेज मांगने से तंग आकर खुद को आग लगा ली थी, की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मृतका के पिता के बयान पर पति, ससुर और सास के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार धरोदी गांव निवासी बलजोरा की पुत्री सुनीता (20) की शादी 14 माह पहले गुहणा निवासी महावीर के साथ हुई थी। ससुराल जन शुरू से सुनीता को कम दहेज लाने के ताने देकर तंग करते थे। पिछले तीन माह से सुनीता मायके रह रही थी। पति उसे लेने नहीं आ रहा था। इससे परेशान होकर सुनीता ने रविवार को खुद को आग के हवाले कर दिया। मंगलवार सायं रोहतक पीजीआई में सुनीता की मौत हो गई। सदर पुलिस ने मृतका के पिता बलजोरा पुत्र बजे सिंह की शिकायत पर महावीर पुत्र भाना, ससुर भाना और सास के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। बलजोरा ने बताया कि इस मामले में कई बार पंचायतें भी हुईं थीं। सदर थाना प्रभारी रामकुमार ने बताया कि मृतका का पोस्टमार्टम रोहतक करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।