अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
जिला विजिलेंस विभाग की टीम ने बुधवार को गांव कांटी खेड़ी निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर नारनौल उपायुक्त में तैनात पासपोर्ट व आर्म्स लाइसेंस क्लर्क को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस विभाग के इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह गांव कांटी खेड़ी निवासी हेमंत कुमार ने विभाग को उपायुक्त कार्यालय में तैनात पासपोर्ट व आर्म्स लाइसेंस क्लर्क रामफल के खिलाफ आर्म्स लाइसेंस देने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत दी। इसके बाद उन्होंने यह जानकारी उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल को दी। उपायुक्त ने डीडीपीओ कुलदीप यादव को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त करके विजिलेंस विभाग को उक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता हेमंत शर्मा को आर्म्स लाइसेंस क्लर्क द्वारा रिश्वत के रूप में मांगी गई पांच हजार रुपये की राशि के दो हजार के दो और 500 के दो नोटों पर पाउडर लगाकर उसके पास भेजा।
शिकायतकर्ता हेमंत कुमार ने लाइसेंस क्लर्क को रुपये थमाते ही पहले से ताक लगाकर बैठी विजिलेंस टीम को जैसे ही इशारा किया। टीम ने उक्त क्लर्क को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता हेमंत कुमार ने बताया कि उसने काफी दिनों से आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन किया हुआ है। लाइसेंस के लिए उसने सभी जरूरी प्रक्रिया भी पूरी कर रखी है, लेकिन उक्त क्लर्क लाइसेंस जारी करने की बजाय उसे बार-बार चक्कर लगा रहा था।
वहीं क्लर्क ने उससे लाइसेंस जारी करने के लिए पांच रुपये की डिमांड भी की। उपायुक्त द्वारा उक्त कार्रवाई के लिए ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किए डीडीपीओ दीपक यादव को साथ लेकर उक्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए क्लर्क को पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।