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कंडेला सीएचसी में एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन के प्रधान ने एसएमओ को मारा थप्पड़ तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर

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कंडेला सीएचसी में एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन के प्रधान ने एसएमओ को मारा थप्पड़, तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर
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डॉक्टर ने कहा- पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की जांच के कारण मारा थप्पड़
घटना के एक दिन बाद वीडियो वायरल होने से गर्माया मामला, अब डॉक्टर व एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की एसोसिएशन हुई सक्रिय
अमर उजाला ब्यूरो
जींद/अलेवा।
कंडेला सीएचसी में एसएमओ डॉ. राजेश भोला को एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन के जिला प्रधान सुरेंद्र द्वारा थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। हालांकि घटना 25 जनवरी की है, लेकिन घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब एसएमओ डॉ. राजेश भोला ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। केस दर्ज होने के बाद चिकित्सकों व एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की एसोसिएशन सक्रिय हो गई हैं। रविवार को दोनों ही संगठनों ने अलग-अलग मीटिंग कर आगामी रणनीति बनाई। वहीं घटना को लेकर डॉ. राजेश भोला का कहना है कि पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की जांच के कारण उन पर हमला किया गया है।
कंडेला गांव स्थित सीएचसी के डॉ. एसएमओ डॉ. राजेश भोला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया की 25 जनवरी को वे सीएचसी कंडेला में पल्स पोलियो अभियान को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिशा निर्देश दे रहे थे। इसी दौरान स्वास्थ्य कर्मी सैलेंद्र, रोहताश तथा बलजिंद्र कार्यालय में घुस आए और उनके साथ गाली गलौच करना शुरु कर दिया। जब उन्होंने अभद्र भाषा बोलने से मना किया तो मेज को धक्का देकर उन्हें चोट पहुंचाने की कोशिश की। मेज के नीचे से उन्हें लात मारी गई और थप्पड़ भी मारा। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच बचाव कर उन्हें तीनों कर्मचारियों की चंगुल से छुड़ाया। जिस पर तीनों कर्मचारियों ने उन्हें धमकी भी दी। एसएमओ डॉ. राजेश भोला की शिकायत पर पुलिस ने एमपीएचडब्ल्यू सैलेंद्र, बलजिंद्र तथा रोहताश के खिलाफ मारपीट करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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वायरल वीडियो से बदला माहौल
हालांकि यह घटना 25 जनवरी की है। घटना के बाद सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया व अन्य अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता भी करवा दिया था। इसके बाद हंगामा कर रहे लोगों द्वारा एक वीडिया वायरल किया गया। इसमें एक कर्मचारी खुद को जिला प्रधान बताते हुए न सिर्फ एसएमओ डॉ. राजेश भोला को भला बुरा कहता है, उन्हें थप्पड़ भी मारता है।
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दोनों एसोसिएशन ने मीटिंग कर बनाई रणनीति
इस मामले में हालांकि पहले समझौता हो गया था, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद एफआईआर करवाई गई है। ऐसे में एफआईआर होने के बाद जहां सरकारी चिकित्सकों की एसोसिएशन एचसीएमएसए ने नागरिक अस्पताल में मीटिंग कर रणनीति बनाई, वहीं नेहरू पार्क में एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन ने भी बैठक की।
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सेंटरों की जांच के कारण हुआ हमला
सामान्य तौर पर सुबह नौ बजे से 11 बजे तक व शाम को तीन बजे से चार बजे तक पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों की जांच कर कर्मचारियों की जांच की जाती है। यह अभियान पिछले कुछ दिन तक चला था। इस दौरान कुछ कर्मचारी गैर हाजिर या लेट मिले तो उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसी विषय को यूनियन में मुद्दा बनाकर हमला किया है। यह मामला सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के संज्ञान में है। अब इस पर एसोसिएशन ही आगे की कार्रवाई करेगी।
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-डॉ. राजेश भोला, एसएमओ, कंडेला
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आज होगी बातचीत
एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन ने बैठक करने के बाद सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया से फोन पर बातचीत की गई है। उन्होंने सोमवार को कार्यालय में आकर बातचीत करने को कहा है। इस मामले को आपसी बातचीत से हल कर लिया जाएगा। एसोसिएशन ने इस मामले को सुलझाने के लिए मेरी जिम्मेदारी लगाई है। इस पर काम चल रहा है।
-अनिल गोयत, राज्य कार्यकारिणी सदस्य, एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन
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