सिचंाई विभाग ने छापेमारी कर पानी चोरी के मामले पकड़े
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। डीसी अमित खत्री के आदेश पर नहरी विभाग ने शनिवार की रात को पानी चोरी रोको अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान छापेमारी टीम ने सिरसा तथा सुदकैन डिस्ट्रीब्यूट्री पर हर 20 से 25 फुट पर पाइप लगी पकड़ी। पानी चोरी में प्रयुक्त सामान को अधिकारियों ने अपने कब्जे में लेते हुए सामान के मालिक किसानों की पहचान शुरू कर दी है। पहचान होने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। छापेमारी अभियान का नेतृत्व कर रहे सिंचाई विभाग नरवाना के कार्यकारी अभियंता बलराज चौहान ने बताया कि विभाग द्वारा पानी चोरी को रोकने के लिए अभियान चलाया जाता है। रात का समय होने के कारण किसानों द्वारा इसका विरोध भी किया जाता है। शनिवार को चलाए गए अभियान में सिंचाई विभाग के लगभग सभी एसडीओ, जेई, बेलदार शामिल थे। उन्होंने कहा कि डीसी के निर्देश पर किसान को उसके हक का पानी हर हाल में दिलवाने के लिए यह अभियान चलाया है।
यह पकड़ा सामान
कार्यकारी अभियंता ने बताया कि रात को चले अभियान के दौरान एक ट्रैक्टर, दो मोटरसाइकिल, 152 पाइप, 10 पंप जब्त किए गए हैं। बरामद सामान जिन किसानों का है उनकी पहचन की जा रही है। यह अभियान रात नौ से सुबह 7 बजे तक चला। उन्होंने बताया कि जब्त किए गए सामान में पाइपें 100 से 150 फुट लंबाई तक की हैं। जो पंप पानी चोरी के लिए प्रयोग में लाए जा रहे थे वह ट्रैक्टर चलित है।
चोरी करने का अजीब तरीका
बलराज चौहान ने बताया कि किसान पानी चोरी के लिए हैरान कर देने वाले तरीके अपना रहे हैं। पानी चोरी के लिए किसान नहर के तीन से चार फुट नीचे खुदाई कर पाइपों को पानी से कनेक्ट कर पानी चोरी कर रहे हैं, लेकिन अभियान के दौरान इस तरह के केसों को भी पकड़ लिया गया है। उन्होंने बताया कि सिरसा ब्रांच नहर से पानी हिसार जिले को भी जाता है। हिसार जिले के किसान डीसी से पानी चोरी रोकने की मांग कर चुके हैं। जिस पर डीसी ने पानी चोरी रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे।