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ढाठरथ गांव में अनुसूचित जाति के युवक को मंदिर में प्रवेश से रोका

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अनुसूचित जाति के युवकों ने मंदिर में प्रवेश से रोकने का लगाया आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। ढाठरथ गांव निवासी साहिल, ऋषि और राहुल ने गांव के एक मंदिर के पुजारी व कुछ अन्य लोगों पर मंदिर में प्रवेश करने से रोकने का आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने सीएम विंडो और डीसी ऑफिस में शिकायत की है। डीसी ने सफीदों के एसडीएम से मामले की जांच करवाने की बात कही है। साहिल का आरोप है कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है, जिसकी वजह से उसे मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
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डीसी ऑफिस में दी शिकायत में युवकों ने कहा कि वे 12 मार्च को गांव के मंदिर में पूजा करने के लिए गए थे। शाम छह बजे जब वह मंदिर में प्रवेश कर रहे थे तो वहां मौजूद एक जाति विशेष के कुछ लोगों व मंदिर के पुजारी ने उन्हें यह कहते हुए मंदिर में जाने से रोक दिया कि वे अनुसूचित जाति से हैं। युवकों का आरोप है कि उनसे कहा गया कि वह मंदिर एक जाति विशेष का है और वे इसमें प्रवेश नहीं कर सकते। युवकों के अनुसार उन्हें कहा गया कि यदि वह मंदिर में प्रवेश करेंगे मंदिर धर्मभ्रष्ट हो जाएगा। इसके बाद वे मंदिर से चले गए। इसके बाद गांव के ही एक दूसरे व्यक्ति ने फोन कर धमकी दी। शिकायत में साहिल ने कहा कि इसके बाद गांव का एक अन्य युवक उन्हें बाजार में मिला तो उसने कहा कि उसे दादा कहे, क्योंकि यह परंपरा चली आ रही है। यदि दादा नहीं कहेंगे तो ठीक नहीं होगा। साथ ही उन्हें धमकी दी गई कि यदि मंदिर जाने की सोचोगे भी तो ठीक नहीं होगा। साहिल ने कहा कि उसे गांव के कुछ लोगों से खतरा है।
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यह मामला बेहद गंभीर है। समाज में ऐसा नहीं होना चाहिए। मैं एसडीएम को इसका पता लगाने के लिए बोलूंगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
पुलिस को इस मामले में न तो कोई शिकायत मिली है और न ही सूचना। पीड़ित को चाहिए कि वह पुलिस को शिकायत दे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार, पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी।
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