दहेज की मांग से तंग विवाहिता ने जहर खाकर की आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। बेलरखां गांव में विवाहिता ने दहेज की मांग से परेशान होकर सोमवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सदर पुलिस ने मृतका के भाई के बयान पर महिला के पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों पर दहेज के लिए हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी। शव का दाह संस्कार करने को लेकर दोनों पक्षों में काफी खींचतान रही। हिसार में पोस्टमार्टम करवाकर मायका पक्ष अपने गांव में दाह संस्कार करना चाहता था, जबकि बेलरखां गांव के लोग ससुराल में दाह संस्कार करने पर सहमत थे। बाद में सदर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह की सूझबूझ से दोनों पक्षों में बेलरखां गांव में दाह संस्कार करने पर सहमति बनी और दोपहर बाद संस्कार किया गया।
कैथल के गांव पिलानी निवासी रामफल की 27 वर्षीय बेटी पूजा की शादी नौ मार्च 2015 को बेलरखां गांव के सुमित के साथ हुई थी। मायका पक्ष का आरोप है कि पूजा को शुरू से ही ससुराल वाले कम दहेज लाने का आरोप लगाकर तंग कर रहे थे। दहेज में गाड़ी नहीं लाने और आज तक कोई बच्चा नहीं होने पर ताना मारते थे। कई बार दोनों पक्षों में इसको लेकर बात भी हुई। मृतका के भाई प्रदीप ने बताया कि सोमवार को उन्हें खबर मिली की पूजा ने जहर खा लिया है और उसका उपचार बरवाला के निजी अस्पताल में चल रहा है। उपचार के दौरान सोमवार रात्रि उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह हिसार के अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया और शव को लेकर सदर थाना पहुंचे जहां कई घंटे शव को लिए एंबुलेंस थाना के गेट के आगे खड़ी रही। पहलेे मृतका के भाई प्रदीप ने अपने जीजा सुमित और सुमित की भाभी मीना के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था, लेकिन मंगलवार को प्रदीप ने सुमित के बड़े भाई सोनू और मां कमलेश का नाम भी जोड़ दिया। सदर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में दाह संस्कार को लेकर मतभेद थे, लेकिन दोनों पक्षों को समझाने के बाद बेलरखा में संस्कार कर दिया है। पुलिस ने मृतका के पति सुमित, उसकी मां कमलेश, जेठ सोनू और जेठानी मीना के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।