अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम ने शनिवार को अलग-अलग जगह पर तीन नाबालिग लड़कियों की शादी को रुकवाया। जहां पर गांव ईंटल कलां में दो सगी नाबालिग लड़कियों की शादी कराई जा रही थी, वहीं गांव डूमरखां खुर्द में नाबालिग लड़की की शादी को रुकवाया। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर को पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी र्कि इंटल कलां गांव में दो नाबालिग बहनों की शादी कराई जा रही है। एक बारात हिसार के गैबीपुर और दूसरी बारात जींद के सफाखेड़ी से आई है। सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान, एएसआई राजबीर सिंह, एसपीओ
सुरेशकुमार, महिला एसपीओ सुमनलता सदर थाना जींद पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। वहां परिवार के लोगों से दोनों के के बालिग होने का प्रमाण पत्र मांगे गए। इनमें बड़ी लड़की की उम्र साढे़ 17 वर्ष और छोटी लड़की की उम्र साढ़े 15 वर्ष मिली। एक दूल्हे की उम्र 23 वर्ष और दूसरे की साढ़े 25 वर्ष मिली। बड़ी लड़की 12वीं और छोटी लड़की 11वीं कक्षा की छात्रा मिली। दोनों परिवार के लोगों ने लिखित बयान दिए कि लड़कियों के बालिग होने पर शादी की जाएगी। दोनों बारातें बिना दुल्हनों के ही लौट गई। इसी बीच सूचना मिली कि गांव डूमरखां खुर्द में भी एक नाबालिग लड़की की शादी कराई जा रही है। बारात कुरुक्षेेत्र जिले के स्याक गांव से आ चुकी है। सूचना पर टीम सदर थाना नरवाना पुलिस के साथ डूमरखां खुर्द में विवाह स्थल पर पहुंची। वहां दूल्हा और दुल्हन के परिवार वालों से दोनों के जन्म प्रमाण पत्र मांगे। इसमें जो सर्टिफिकेट पत्र दिखाए उनमें दुल्हन की उम्र 17 वर्ष मिली जबकि दूल्हा बालिग पाया गया। दोनों परिवार के लोगों ने लिखित बयान दर्ज करवाए कि लड़की के बालिग होने पर ही उसकी शादी की जाएगी। बारात स्याक गांव लौट गई।
तीन नाबालिग लड़कियों की शादी को रोका
गांव ईंटल कलां में दो सगी बहनों और डूमरखां खुर्द में एक लड़की की शादी को रुकवाया