अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर के रोहतक रोड पर मलिक अस्पताल के निकट बाइक सवार दो युवकों ने स्कूटी सवार युवक पर अंधाधुंध फायरिंग करके हत्या कर दी। मृतक के शरीर पर 14 गोलियों के निशान मिले हैं। हत्या करने के बाद युवक बाइक से फरार हो गए। युवकों की पूरी गतिविधि अस्पताल और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। हत्या की सूचना पाकर एसएसपी शशांक आनंद, डीएसपी कप्तान सिंह मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता नरसिंह ने अपने बड़े बेटे की विधवा पुत्रवधू और उसके मायका पक्ष के तीन लोगों पर हत्या करवाने का शक जाहिर किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मृतक आनंद की भाभी सहित तीन के खिलाफ हत्या, शस्त्र अधिनियम और साजिश रचने का केस दर्ज किया है। बाद में परिजनों ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने तक शव को नागरिक अस्पताल से उठाने से मना कर दिया। डीएसपी कप्तान सिंह ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने।
पुलिस के अनुसार शिव कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय आनंद सोमवार सुबह अपने दोस्त सोनू को साथ लेकर रोहतक रोड पर गया था। जहां पर मलिक अस्पताल के निकट उन्होंने स्कूटी खड़ी की और किसी का इंतजार करने लगे। आनंद स्कूटी पर बैठ गया, जबकि उसका दोस्त पास ही एक दुकान के बाहर अखबार पढ़ने लगा। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक आए और आनंद पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बाइक सवार युवकों ने उसके सीने को गोलियों से छलनी कर दिया और दोनों युवक हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। बाद में युवक को निजी अस्पताल में लेकर गए, लेकिन वहां पर मरहम पट्टी करके उसको वहां से एंबुलेंस से नागरिक अस्पताल में भेज दिया। जहां पर चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
बड़े बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
मृतक के पिता नरसिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके दो बेटे थे। इसमें उसके बड़े बेटे जोगेंद्र की ढाई साल पहले सेक्टर आठ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसके बेटे जोगेंद्र की शादी रामबीर कॉलोनी निवासी सुमन के साथ हुई थी। उसके बड़े बेटे जोगेंद्र की मौत के बाद उसकी पुत्रवधू सुमन ने उनके ऊपर कई मामले दर्ज करवाए हुए हैं, जोकि अदालत में विचाराधीन है और उनके साथ रंजिश रखते है। सोमवार को उसका छोटा बेटा आनंद किसी कार्य के लिए रोहतक रोड पर गया था। जहां पर उसकी अज्ञात युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उसने शक जताया कि उसकी बेटे की हत्या में उसकी पुत्रवधू सुमन, उसके पिता ईश्वर, पुत्रवधू के भाई सुमित का हाथ हो सकता है। पुलिस ने बयान के आधार पर तीनों के खिलाफ हत्या, साजिश रचने और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा दिया, लेकिन परिजन हत्या करने वालों को गिरफ्तार करने की बात पर अड़ गए और शव को उठाने से मना कर दिया। मृतक के पिता नरसिंह ने कहा कि उसके बेटे की हत्या करने वालों कोई भी हो सच्चाई सामने आनी चाहिए। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी वह शव को नहीं उठाएंगे।
14 गोलियों के निशान पर शरीर पर
पुलिस के अनुसार युवक की हत्या रंजिशन लग रही है। युवक आनंद के शरीर गोलियों से छलनी है और उसके शरीर पर 14 गोलियां लगने के निशान बने हैं। शरीर में इतनी गोली लगने के कारण चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कार्रवाई पूरी करने में भी काफी समय लग गया।
दोनों हाथों में लिए थे पिस्तौल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हत्या करने वाले युवक बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे। इस दौरान एक युवक दोनों हाथों में पिस्तौल लिए हुए थे और उसने दोनों ही पिस्तौलों से आनंद के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग की। जब आनंद जमीन पर गिर गया तो उसके बाद भी उस पर फायरिंग जारी रखी। युवकों को जब लग गया कि उसकी मौत हो चुकी है, उसके बाद वह बाइक पर सवार होकर वहां से हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले।
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई घटना
हत्या की सूचना पाकर एसएसपी शशांक आनंद, डीएसपी कप्तान सिंह मौके पर पहुंचे। जहां पर डीएसपी कप्तान सिंह और एसएफएल की टीम ने मलिक अस्पताल व आसपास की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का खंगाला। जहां पर एक कैमरे में युवक बाइक के पास खड़े होकर इंतजार करते दिखाई दिए, जबकि दूसरे में गोली मारते हुए और तीसरे में गोली मारकर बाइक पर सवार होते दिखाई दिए। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर गोली मारने वाले युवकों की पहचान शुरू कर दी है।
फोन करके बुलाया था बेटे को
नरसिंह ने बताया कि सुबह उसका बेटा आनंद घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसके पास फोन आया कि इंग्लैंड में रहने वाले उसके बुआ के लड़का का पार्सल आया है। जिसे वह ले आए। इसके बाद आनंद स्कूटी लेकर घर से निकल गया। जहां पर उसकी अज्ञात युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
गिरफ्तारी तक नहीं उठाऊंगा शव
नागरिक अस्पताल से शव उठाने से मना करने के बाद डीएसपी कप्तान सिंह मौके पर पहुंचे और मृतक के पिता आनंद को आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। इसके बाद उसके पिता नरसिंह ने कहा कि सर मेरा सबकुछ मिट्टी में मिल चुका है। मेरे दो बेटे थे। दोनों ही की मौत हो चुकी है, जो दो बेटियां है उनकी भी शादी हो चुकी है। उसके घर पर केवल वह व उसकी पत्नी ही बच गए है। उसके बड़े बेटे जोगेंद्र की लगभग ढाई साल पहले सेक्टर आठ में जलघर के तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। उसको आत्महत्या मानकर शांत बैठ गया, लेकिन इस बार उसके छोटे बेटे आनंद की सरेआम गोली मारकर हत्या की गई है। इसके बाद मेरा सब कुछ खो गया है। जब तक बेटे की हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता वह शव को नहीं उठाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरी पुलिस से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने तक शव को उठाने का प्रेशर न डाले।
चार टीम लगातार कर रही काम
डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि हत्या के बाद से पुलिस गहनता से जांच कर रही है। हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। इसमें दो सीआईए, साइबर सेल, शहर थाना पुलिस की टीम छापामारी कर रही है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
युवक की 14 गोली मारकर हत्या
भाभी सहित तीन के खिलाफ हत्या, शस्त्र अधिनियम और साजिश रचने का केस दर्ज
बाइक सवार दो युवकों ने वारदात को दिया अंजाम
सीसीटीवी कैमरों में कैद पूरी वारदात, हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं करने तक शव को उठाने से किया मना