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तार-तार हुई ममता, रोहतक रोड पर मिला पूरा विकसित कन्या भ्रूण, प्रशासन में हड़कंप

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तार-तार हुई ममता, रोहतक रोड पर मिला एक दिन की बच्ची का शव, प्रशासन में हड़कंप
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पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
रोहतक रोड स्थित मलिक अस्पताल के पास शनिवार दोपहर बाद एक दिन की जन्मी बच्ची का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक भिजवा दिया है। वहीं पुलिस व स्वास्थ्य विभाग ने अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू की है। इस घटना से किसी मां की ममता तार-तार होती दिखाई दे रही है। सरकार भले ही बेटियों की स्थिति सुधारने के लिए दम भर रही है, लेकिन इस घटना साफ हो गया है कि आज भी बेटियों को जीने का तो दूर, पैदा होने तक का अधिकार नहीं है।
शनिवार दोपहर बाद काठ मंडी निवासी मनीष ने पुलिस को फोन कर सूचना दी कि वह मलिक अस्पताल के पास मकान बना रहा है। उसके निर्माधीन मकान के पास एक बच्ची का शव पड़ा है। शव को कपड़े में रखा गया है। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में लिया। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग आसपास की गर्भवती महिलाओं की जांच कर इस मामले का पता लगाने का प्रयास करेगा।
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लग रही है सामान्य डिलिवरी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जो शव मिला है, उसे देख कर लग रहा है कि बच्ची का जन्म सामान्य डिलिवरी से हुआ है। हालांकि इसकी सही जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही मिल पाएगी।
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पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
सूचना मिलते ही डीएसपी रामभज सहित शहर थाना प्रभारी समरजीत सिंह मौके पर पहुंचे और बच्ची को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। शहर थाना प्रभारी के अनुसार केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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20 सप्ताह से अधिक के कन्या भ्रूण का गर्भपात, स्वास्थ्य विभाग ने दर्ज करवाया केस
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
दूसरी ओर झांझ खुर्द निवासी एक महिला के 20 सप्ताह से ज्याद के भ्रूण के गर्भपात का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में केस दर्ज करवा कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में गर्भपात करवाया गया है या अपने आप हुआ है, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
पुलिस के अनुसार स्कीम नंबर पांच स्थित मंगला अस्पताल में एक महिला को लाया गया। महिला के गर्भ से कन्या भ्रूण बाहर आ चुका था, जबकि ओरनाल अंदर ही थी। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिली तो मामले की जांच शुरू की गई। इस दौरान काफी ऐसी बातें सामने आई हैं, जिससे गर्भपात करवाने का शक होता है। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार इस मामले में महिला, उसके पति, सास-ससुर से पूछताछ की गई है। इसमें सामने आया कि कुछ दिन पहले महिला अपने मायके लोधर गांव गई थी। वहां उसका भाई आरएमपी डॉक्टर की प्रेक्टिस भी करता है। इससे स्वास्थ्य विभाग का शक और अधिक गहरा गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। वहीं महिला का कहना है कि उसे तो पता भी नहीं था कि वह गर्भवती भी है।
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महिला बोली एक दिन के लिए गई थी मायके, पति बोला एक सप्ताह रुकी
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार महिला के सास व ससुर इस मामले में कुछ भी नहीं बता पाए। सिर्फ इतना ही बताया कि महिला अपने मायके गई थी। जब महिला से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह एक दिन के लिए ही मायके गई थी। वहीं महिला के पति ने बताया कि वह एक सप्ताह तक मायके में रुकी थी। महिला को पहले भी एक लड़की है। इससे स्वास्थ्य विभाग को शक हो रहा है।
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महिला का नहीं मिला पंजीकरण
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जब महिला की जांच की तो गांव की आशा वर्कर्स या एएनएम के पास गर्भवती होने का कोई रिकार्ड नहीं मिला है। इससे स्वास्थ्य विभाग का शक और गहरा हो गया है।
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करवाई शिकायत
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार मामले में एफआईआर करवा दी गई है और पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग ने अपने-अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी। सिविल सर्जन के अनुसार प्रथम दृष्टि में भ्रूण 20 सप्ताह से अधिक दिनों का लग रहा है।

फोटो नंबर17जेएनडी16: बच्ची का शव मिलने पर कार्रवाई करते पुलिसकर्मी।
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