गांव बेलरखां में 10 मई को हुई युवक की हत्या की गुत्थी सदर थाना पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि युवक की हत्या उसका पिता और चाचा ने मिलकर की है।
युवक ने अपने पिता के साथ मारपीट की थी। उससे हताश होकर उसके पिता ने ईंट और पत्थरों से उसके मुंह पर वार करके उसकी हत्या कर दी और शव को गांव के तालाब के पास फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी पिता सहित दो लोगों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार गांव बेलरखां निवासी 16 वर्षीय मोहन उर्फ मोना का शव दस मई को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पीछे तालाब के निकट मिला था। शव के मुंह पर गहरी चोट के निशान थे। मृतक मोहन उर्फ मोना के पिता जोरा सिंह ने उस समय शिकायत दी थी कि मोहन नौ मई की रात को खाना खाने के बाद बाहर घूमने गया था लेकिन वापस नहीं लौटा सुबह उसका शव मिला।
उसके बेटे की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। उसने बताया कि उनकी किसी के साथ कोई रंजिश नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का खुलासा करने के लिए जांच शुरू की।
जांच में पुलिस को मृतक युवक के पिता जोरा सिंह पर ही शक हुआ, लेकिन पुलिस ने आरोपी जोरा सिंह को युवक की तेरहवीं तक उससे पूछताछ नहीं की। जैसे ही युवक की तेरहवीं हुई तो पुलिस ने मृतक के पिता जोरा सिंह से पूछताछ की।
पुलिस पूछताछ में जोरा सिंह ने बताया कि उसने ही अपने बेटे मोहन की हत्या की है। उसके साथ उसका चचेरा भाई शैलेंद्र भी था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी जोरासिंह और मृतक के चाचा शैलेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। बॉक्स
मारपीट करने से आहत था आरोपी
पुलिस पूछताछ में आरोपी जोरा सिंह ने खुलासा कि उसके बेटे मोहन उर्फ मोना का कुछ दिन पहले घर पर झगड़ा
हो गया था। इस दौरान मोहन उर्फ मोना ने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद वह गुस्से में था। जब वह मोहन उर्फ
मोना को कोई बात कहता तो उसे नहीं मानता था।
जिसके चलते वह परेशान चल रहा था। इसके बाद उसने अपने चचेरे भाई शैलेंद्र को साथ लेकर मोहन उर्फ मोना को पीटा और इस दौरान ईंट व पत्थरों से उसके मुंह पर वार करके हत्या कर दी। जब उसकी मौत हो गई तो उसके शव को गांव के तालाब के निकट फेंक दिया और बाद में दोनों घर पर आकर सो गए। उसके बाद पुलिस को शिकायत दी कि उसका बेटा लापता हो गया।